महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टेट का पेपर लीक होने का मामला अब एक बड़े राज्यों के आपसी गिरोह के रूप में सामने आया है। पुलिस ने बिहार के एक व्यक्ति को इस पूरे खेल का मुख्य सूत्रधार माना है। इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा भेजी गई हैं। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने परीक्षा देने वाले लाखों उम्मीदवारों को बड़ा भरोसा दिया है। सरकार ने कहा है कि स्थगित हुई परीक्षा के लिए छात्रों को दोबारा फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी और इसकी नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी।

छह जुलाई तक पुलिस रिमांड पर तीन आरोपी
इस मामले में पुलिस को बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले विजेंद्र गुप्ता की सरगर्मी से तलाश है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों ने उसी को इस पूरे गिरोह का मुखिया बताया है। जांच टीम का दावा है कि यह मुख्य आरोपी पिछले पच्चीस सालों से ओडिशा, मध्य प्रदेश और बिहार में होने वाली परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के मामलों में शामिल रहा है। कोर्ट ने इस मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों को छह जुलाई तक पुलिस की देखरेख में पूछताछ के लिए रिमांड पर भेज दिया है। इससे पुलिस को इस बड़े गिरोह की तह तक जाने के लिए अच्छा समय मिल गया है।
विशेष डिजिटल कोड से खुलेगा पेपर लीक का राज
पुलिस अब शिक्षा विभाग की मदद लेकर लीक के मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इसके लिए हर प्रश्न पत्र पर छपे एक विशेष डिजिटल निशान यानी यूनिक क्यूआर कोड की मदद ली जा रही है। इस कोड की जांच से यह साफ हो जाएगा कि यह पर्चा किस जगह से और किस समय बाहर निकाला गया था। इस पेपर लीक की वजह से अट्ठाईस जून को होने वाली परीक्षा को तय समय से एक दिन पहले ही रद्द करना पड़ा था। सरकार के इस फैसले से राज्य के छह लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के भविष्य पर सीधा असर पड़ा है।
छह लाख छात्रों को नहीं देनी होगी दोबारा फीस
इस बीच शिक्षक संगठनों ने सीनियर शिक्षकों के प्रमोशन के लिए इस परीक्षा को जरूरी बनाने वाले नियम की दोबारा समीक्षा करने की मांग उठाई है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। उन्होंने छात्रों को परेशान न होने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। इसके लिए किसी भी छात्र से कोई नया आवेदन या दोबारा कोई परीक्षा फीस नहीं ली जाएगी। यह परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में एक हजार से ज्यादा केंद्रों पर होने वाली थी। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि इस पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।