अम्बिकापुर। (हिंगोरा सिंह)
आज के समय में बिजली प्रत्येक घर की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है। बढ़ती बिजली खपत के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में शासन की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए न केवल बिजली खर्च में बचत का सशक्त माध्यम बन रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
सफलता की कहानी: लाभार्थी प्रतीक कुमार सिन्हा की जुबानी
अम्बिकापुर शहर के भट्ठी रोड निवासी प्रतीक कुमार सिन्हा ने बताया कि उन्होंने अपने घर की छत पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार (डबल इंजन सरकार) से कुल 1,08,000 रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई है।
बिजली उपभोक्ता से बने ऊर्जा दाता
श्री सिन्हा ने बताया कि उनका सोलर पैनल प्रतिदिन लगभग 18 से 20 यूनिट बिजली का उत्पादन कर रहा है। घरेलू खपत के बाद बची हुई अतिरिक्त बिजली वे विद्युत विभाग को बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वे केवल बिजली उपभोक्ता थे, लेकिन इस योजना के माध्यम से अब वे ‘ऊर्जा दाता’ बन गए हैं।
विद्युत विभाग के साथ एक एग्रीमेंट किया गया है, जिसके अंतर्गत उनकी बची हुई बिजली का भुगतान संबंधित वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का संगम
प्रतीक कुमार सिन्हा ने इस योजना को अत्यंत उपयोगी एवं जनहितकारी बताते हुए शासन का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल की बचत हो रही है, बल्कि नागरिक ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
योजना के तहत मिलने वाला अनुदान (सब्सिडी स्ट्रक्चर)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र के साथ-साथ अतिरिक्त राज्य सब्सिडी भी दी जा रही है:
| क्षमता | केंद्र सरकार अनुदान | राज्य शासन अनुदान | कुल अनुदान |
| 1 किलोवाट तक | 30,000 रुपए | 15,000 रुपए | 45,000 रुपए |
| 2 किलोवाट तक | 60,000 रुपए | 30,000 रुपए | 90,000 रुपए |
| 3 किलोवाट या अधिक | 78,000 रुपए | 30,000 रुपए | 1,08,000 रुपए |