भानुप्रतापपुर। नगर के प्रीमियम वाइन शॉप में इन दिनों शराब प्रेमियों की जेब पर डाका डाला जा रहा है। शासन द्वारा तय दरों को ताक पर रखकर सेल्समैन हर बोतल के पीछे मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। आलम यह है कि शिकायत के बावजूद आबकारी विभाग मौन है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दुकान में शराब की हर बोतल पर 50 से 100 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर व्हाइट एंड ब्लू जिसकी सरकारी कीमत 960 रुपये है, उसे 1000 रुपये में बेचा जा रहा है।
बियर: 200 रुपये वाली बियर के लिए ग्राहकों से 230 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। विरोध करने पर ग्राहकों को बदतमीजी का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी रहती है।
चिलचिलाती गर्मी में ‘गर्म’ बियर का परोसा जा रहा प्याला
एक ओर जहां ग्राहकों से ज्यादा पैसे लिए जा रहे हैं, वहीं सुविधाओं के नाम पर शून्य है। भीषण गर्मी में ग्राहक ठंडी बियर की मांग करते हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “फ्रीजर खराब है”। ग्राहकों का आरोप है कि जानबूझकर ठंडा स्टॉक नहीं निकाला जाता या फिर रख-रखाव की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। वाइन शॉप के ठीक सामने खुलेआम शराब पीने का सिलसिला जारी है। पहले भी इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा: कोचिया और होटल संचालक: बस स्टैंड और आसपास के होटल संचालक यहां से भारी मात्रा में शराब ले जाकर अवैध रूप से अपने होटलों में पिला रहे हैं। दुकान से थोक में शराब ले जाने पर रोक के बावजूद सेटिंग के खेल के कारण कोचिया सक्रिय हैं।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
क्षेत्रीय जनता और ग्राहकों का कहना है कि आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन कार्रवाई ढाक के तीन पात साबित हुई है। क्या विभाग के अधिकारियों का इन दुकान संचालकों को संरक्षण प्राप्त है? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। जब सरकार ने रेट तय कर दिए हैं, तो फिर ये अतिरिक्त पैसे किसकी जेब में जा रहे हैं? प्रशासन को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए। अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन कुंभकर्णी नींद से जागता है या भानुप्रतापपुर में शराब माफियाओं की यह मनमानी यूं ही बदस्तूर जारी रहती है।