सत्ता परिवर्तन नहीं प्रशासनिक नियंत्रण व व्यवस्थित व्यवस्था परिवर्तन अधिक आवश्यक-प्रखर

0 विधायक व नायब तहसीलदार विवाद पर बोले प्रखर 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= “किसी भी देश , राज्य या स्थानीय निकायों में सत्ता परिवर्तन उतना महत्व नहीं रखता जितना प्रशासनिक नियंत्रण व आम जनता के प्रति व्यवस्थित व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण होता है । नियम व कानून उतने प्रभावकारी नहीं होते जितने सुचारू व्यवस्था व आम जनता के हित मे व्यवस्था परिवर्तन अधिक प्रभावकारी होते हैं ।अच्छी व्यवस्था ही अच्छी कारगर साबित होती है ।
इसलिए सत्ता परिवर्तन के साथ साथ प्रशासनिक नियंत्रण अधिक आवश्यक है । प्रशासनिक नियंत्रण व व्यवस्था के अभाव में ही उक्त घटनाएं घटित होती हैं व विवादों को जन्म देता है । सरगुजा की घटना इसी का दुष्परिणाम है “
उक्त कथन सरायपाली संगम सेवा समिति के संस्थापक व भाजपा जिला युवा मोर्चा के जिला महामंत्री प्रखर अग्रवाल द्वारा व्यक्त किया गया ।
इस संबंध में प्रखर अग्रवाल द्वारा महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से भेजे गए एक पत्र में अपने सुझाव प्रेषित करते हुवे कहा है कि सरगुजा ज़िले में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हालिया विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया आम जनता के प्रति किस हद तक कठोर और तानाशाहीपूर्ण हो चुका है । सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच विवाद ने पूरे प्रदेश में प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है
आए दिन इस प्रकार की घटनाएं हो रही है प्रशासनिक अधिकारी अब सेवक नहीं बल्कि शासक की तरह व्यवहार कर रहे हैं।छोटे-छोटे कामों के लिए नागरिकों को महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।कई मामलों में अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के आरोप भी लगते रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि अब समय आ गया है कि प्रशासनिक व्यवस्था में संशोधन और सुधार किए जाएँ।भ्रष्ट अधिकारियों पर केवल निलंबन या स्थानांतरण नहीं, बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।बड़े एवं गंभीर मामलों में संपत्ति कुर्की, वेतन रोकने और सेवा समाप्ति जैसे कठोर नियम लागू किए जाएँ।आम नागरिकों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी जनता की सेवा के लिए नियुक्त किए जाते हैं, लेकिन उनका रवैया अक्सर तानाशाही जैसा होता है।इस प्रकार की घटनाएँ जो यह दर्शाती हैं कि व्यवस्था में गहरी खामियाँ हैं। जिनका अब निराकरण करना आम जनता एवं जनप्रतिनिधित्व के लिए अत्यंत आवश्यक है अन्यथा भविष्य में भारी अराजकता का सामना आम जनता एवं जनप्रतिनिधियों को करना पड़ सकता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *