NEET UG Paper Leak Case: सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘UPSC से सीखे NTA, जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, पेपर लीक नहीं रुकेंगे’

NEET UG Paper Leak Update: देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में शुक्रवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर बेहद तीखी बहस हुई। अदालत ने देश में बार-बार होने वाले पेपर लीक (paper leak) की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जब तक इस मामले में ऊपर से नीचे तक जवाबदेही (accountability) तय नहीं होगी, तब तक ऐसी गड़बड़ियां नहीं रुकेंगी।

‘UPSC में तो ऐसा नहीं होता, उनसे सीखें’

मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस पीएस नरसिम्हा (Justice PS Narasimha) ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। बेंच ने कहा कि यूपीएससी (UPSC) जैसी संस्थाएं भी देश में इतनी बड़ी परीक्षाएं कराती हैं, लेकिन वहां आज तक ऐसी समस्या सामने नहीं आई। NTA को उनसे सीख लेनी चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय (Education Ministry) से नीट परीक्षाओं की पूरी जांच प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा भी मांग लिया है।

पीएम मोदी खुद रख रहे हैं नजर: सॉलिसिटर जनरल

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Solicitor General Tushar Mehta) ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने अदालत को बताया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि आगे से सुरक्षा में कोई चूक न हो।

21 जून को री-एग्जाम, अपनाए जाएंगे नए तरीके

आपको बता दें कि देशभर में बीते 3 मई को नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद 7 मई को पेपर लीक की बात सामने आई और आखिरकार 12 मई को परीक्षा रद्द (exam cancelled) करनी पड़ी। अब 21 जून को होने वाले NEET-UG री-एग्जाम (NEET-UG Re-exam) के लिए एनटीए ने दावा किया है कि बड़े पैमाने पर सुरक्षा सुधार (security reforms) किए गए हैं और कुछ नए तरीके अपनाए जा रहे हैं।

पुरानी गलतियों से क्यों नहीं सीखा सबक?

इससे पहले 25 मई को हुई सुनवाई में भी कोर्ट ने एनटीए को आड़े हाथों लिया था। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा था कि साल 2024 में भी पेपर लीक का मामला अदालत आया था। तब एक कमेटी बनी थी, जिसकी सिफारिशों को भी माना गया। लेकिन दुख की बात है कि एजेंसी ने पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं लिया। कोर्ट ने अब केंद्र सरकार और सीबीआई (CBI) से भी इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है।

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