रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में एक और बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। अरुण पाण्डेय को नया हेड ऑफ फॉरेस्ट (Head of Forest Chhattisgarh) बनाने के बाद अब वन मुख्यालय (Forest Headquarters) के शीर्ष स्तर पर बड़ी सर्जरी की गई है। सरकार ने कई सीनियर आईएफएस अफसरों के प्रभार में बदलाव करते हुए उन्हें नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वन विभाग (CG Forest Department) की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।
कौशलेंद्र कुमार को मिला एडिशनल चार्ज
इस नए फेरबदल में सूबे के सबसे वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी कौशलेंद्र कुमार को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें फॉरेस्ट ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (Forest Training and Research Institute) के डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा कई अन्य सीनियर अधिकारियों के विभागों में भी बदलाव हुआ है।
ओपी यादव और शालिनी रैना को अहम जिम्मेदारी
सरकार ने आदेश जारी कर ओपी यादव को नया वाइल्डलाइफ वार्डन (Chief Wildlife Warden) नियुक्त किया है। वहीं सीनियर अफसर शालिनी रैना को कैम्पा (CAMPA Chhattisgarh) की कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही मथेश्वरण को वन विभाग में वित्त और बजट (Finance and Budget) जैसी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
रूटीन ट्रांसफर या काम में कसावट की कोशिश
माना जा रहा है कि वन विभाग के कामकाज में तेजी लाने और प्रशासनिक कसावट के लिए यह बड़ा बदलाव किया गया है। अरुण पाण्डेय के नए चीफ बनने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि मुख्यालय स्तर पर जल्द ही नई टीम तैनात की जाएगी। सरकार के इस फैसले से वन विभाग के कामकाज में नया तालमेल देखने को मिल सकता है।
