कोलकाता
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातल्ला इलाके से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार की दोपहर को यहां एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के समय गोदाम के अंदर करीब पचास से साठ मजदूर काम कर रहे थे। पलक झपकते ही ये सभी मजदूर लोहे और कंक्रीट के विशाल मलबे के नीचे दब गए। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। घटना की खबर मिलते ही राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद स्थिति का जायजा लेने घटना स्थल पर पहुंच गए हैं।

हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए अपनी तरफ से राहत और बचाव का काम शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। मलबे की विशालता को देखते हुए बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना की मदद भी ली जा रही है। अब तक मलबे से छह से सात मजदूरों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से कुछ मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। मलबे को हटाने के लिए बड़ी क्रेन और भारी-भरकम लोहे के गार्डर को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। गैस कटर एक ऐसा उपकरण होता है जो तेज लपटों के जरिए भारी और मोटे लोहे को आसानी से काट देता है, जिससे दबे हुए लोगों तक जल्दी पहुंचा जा सके।
मलबे के नीचे दबे मजदूरों की दर्दनाक आवाजें अभी भी सुनाई दे रही हैं, जिससे वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा है। राज्य सरकार ने पूरे मामले पर नजर रखने और पीड़ितों की मदद के लिए नवान्न में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। नवान्न पश्चिम बंगाल का मुख्य सरकारी प्रशासनिक मुख्यालय है यानी जहां से राज्य की सरकार चलती है। इस कंट्रोल रूम के नंबर 1070, 8697981070 और 033-22143526 हैं। मौके पर पहुंचे राज्य के मंत्री इंद्रनील खां और भाजपा नेता राकेश सिंह ने बताया कि सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की जान बचाना है और प्रशासन पूरी ताकत से इस काम में जुटा हुआ है।