आईपीएल दो हजार सत्ताइस के शुरू होने से पहले क्रिकेट के गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। स्टार विकेटकीपर और बल्लेबाज ऋषभ पंत की अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो गई है। मंगलवार को दिल्ली और लखनऊ की टीमों के बीच हुए एक बड़े सौदे के बाद पंत फिर से दिल्ली की जर्सी में नजर आएंगे। इस सौदे को क्रिकेट की भाषा में ट्रेड कहा जाता है, जिसका आसान मतलब यह है कि दो टीमें आपस में आपसी सहमति से खिलाड़ियों की अदला-बदली कर लेती हैं। इस अदला-बदली के तहत दिल्ली ने पंत को अपनी टीम में लिया है और इसके बदले दिल्ली के धाकड़ गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम में भेजा गया है। कुलदीप यादव को चाइनामैन गेंदबाज कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब है कि वह बाएं हाथ से कलाई के सहारे अनोखी स्पिन गेंदबाजी करते हैं, जिसे समझना बल्लेबाजों के लिए बहुत मुश्किल होता है।
दिल्ली कैपिटल्स में लौटने के लिए ऋषभ पंत को पैसों का एक बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा है। इस नए सौदे के तहत पंत को पंद्रह करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे पहले वे आईपीएल दो हजार पच्चीस में रिकॉर्ड सत्ताइस करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम में लखनऊ की टीम में शामिल हुए थे। इस हिसाब से देखें तो दिल्ली लौटने के लिए उन्होंने करीब बारह करोड़ रुपये का नुकसान झेला है। असल में पिछले दो सीजन यानी साल दो हजार पच्चीस और दो हजार छब्बीस में लखनऊ की टीम का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। लगातार खराब प्रदर्शन के कारण आईपीएल दो हजार छब्बीस के दौरान पंत ने लखनऊ की कप्तानी भी छोड़ दी थी। अब अपने पुराने घर लौटकर पंत बेहद खुश नजर आ रहे हैं।
ऋषभ पंत की वापसी पर दिल्ली कैपिटल्स के मौजूदा कप्तान अक्षर पटेल ने उनका दिल से स्वागत किया है। दिल्ली कैपिटल्स द्वारा जारी एक वीडियो में कप्तान अक्षर पटेल ने साफ कहा कि एक कप्तान के तौर पर उनकी तरफ से पंत को मैदान पर खेलने की पूरी आजादी मिलेगी। अक्षर ने बताया कि उन दोनों का रिश्ता कभी भी पारंपरिक कप्तान और खिलाड़ी जैसा नहीं रहा है। जब पंत पहले दिल्ली में थे, तब वे अक्षर के कप्तान थे और टीम को आगे लेकर चलते थे। अक्षर ने कहा कि वे दोनों हमेशा आपसी समझ के साथ ही मैदान पर कोई फैसला लेते हैं। फ्रेंचाइजी और कप्तान की तरफ से पंत पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है। अक्षर ने भरोसा जताते हुए कहा कि फॉर्म तो कुछ समय की बात होती है, लेकिन खिलाड़ी की क्लास और काबिलियत हमेशा बनी रहती है।
