दुनिया में परमाणु युद्ध के बढ़ते खतरे के बीच एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी आईएईए के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रॉसी ने बुधवार को एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि उनकी टीम जल्द ही ईरान के परमाणु केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण करेगी। आईएईए संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष संस्था है, जिसका मुख्य काम दुनिया भर में परमाणु हथियारों और परमाणु सामग्री की निगरानी करना है ताकि इनका गलत इस्तेमाल न हो सके। आईएईए प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक अस्थाई समझौता हुआ है। इस समझौते को पूरा करने के लिए परमाणु ठिकानों की जांच को सबसे जरूरी हिस्सा माना जा रहा है।

इस पूरे विवाद की जड़ को समझें तो पिछले साल दो हजार पच्चीस में इजरायल और ईरान के बीच बारह दिनों तक भयानक युद्ध चला था। इस जंग के दौरान इजरायल ने ईरान के परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया था। यही नहीं, अमेरिका ने भी अपने सबसे खतरनाक बी-टू बमवर्षक विमानों से ईरान के फोर्दो, नतांज और इस्फहान जैसे प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। इन हमलों के बाद गुस्से में आकर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय निगरानी टीम को अपने इन केंद्रों पर आने से पूरी तरह रोक दिया था। जानकारों के मुताबिक इन ठिकानों पर ईरान के पास बहुत बड़े पैमाने पर संवर्धित यूरेनियम जमा है। संवर्धित यूरेनियम का आसान भाषा में मतलब यह है कि यह एक ऐसा खास और शुद्ध किया हुआ परमाणु पदार्थ होता है, जिससे बिजली भी बनाई जा सकती है और बहुत शक्तिशाली परमाणु बम भी तैयार किए जा सकते हैं। अनुमान है कि ईरान के पास इतना परमाणु मसाला है कि वह आसानी से दस परमाणु बम बना सकता है।
हालांकि ईरान हमेशा से दुनिया के सामने यह दावा करता आया है कि उसका यह परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण कामों जैसे बिजली बनाने या दवाओं के लिए है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि वह दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जिसके पास बिना किसी घोषित सैन्य कार्यक्रम के भी साठ प्रतिशत तक शुद्ध किया हुआ यूरेनियम मौजूद है। इस जांच को लेकर मंगलवार यानी तेईस जून को अमेरिका और ईरान ने बिल्कुल अलग-अलग बयान दिए थे। अमेरिका ने दावा किया था कि ईरान ने अपने ठिकानों की जांच करने की हरी झंडी दे दी है, जबकि ईरान ने तुरंत इसका खंडन कर दिया था। लेकिन अब आईएईए प्रमुख के ताजा बयान से साफ लग रहा है कि पर्दे के पीछे कोई बड़ी सहमति बन गई है।
English Keywords:
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