रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को जनभागीदारी का महाअभियान बनाया जा रहा है। सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, रायपुर में सहकारिता सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री केदार कश्यप रहे। इस दौरान सहकारिता आंदोलन के जनक पंडित वामनराव बलिराम लाखे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि लोगों को साथ लेकर विकास करने की एक मजबूत सोच है। सरकार का मुख्य लक्ष्य सहकारिता को एक जनआंदोलन बनाकर प्रत्येक ग्रामीण परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद, केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता क्षेत्र को एक नई और मजबूत पहचान मिली है। पिछले पांच वर्षों में सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सहकारिता को गांव-गांव तक मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्राथमिक कृषि साख समितियों को सशक्त बनाया जा रहा है, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
केदार कश्यप ने कहा कि साथ मिलकर विकास ही सहकारिता का मूल मंत्र है और इसी भावना से आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव होगा। उन्होंने सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि सहकारी व्यवस्था पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके। यह सप्ताहभर चलने वाला आयोजन सहकारिता की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का महाअभियान है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, उपाध्यक्ष अभिनेष कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।