जशपुर की की संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर

आज की जनधारा के संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित किए
कार्यक्रम में शहीद परिवारों के परिजन भी हुए सम्मानित
पुलिस विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान

जशपुर। आदिवासी संस्कृति, विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर केंद्रित आज की जनधारा के ‘छत्तीसगढ़ विकास संवाद और विचार’ कार्यक्रम का जशपुर में भव्य आयोजन हुआ। समारोह में सम्मान, संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास यात्रा पर चर्चा हुई। इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विभूतियों को छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने सम्मानित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि जशपुर केवल जिला नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की जीवंत पहचान है। यहां की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पूरे प्रदेश की धरोहर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस विरासत के संरक्षण के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है, ताकि परंपरा और प्रगति दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की नई रफ्तार के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं, जिसका लाभ प्रदेश के गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विशेष वन-टू-वन संवाद में आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा से बातचीत करते हुए डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल लखपति दीदी तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। नए निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम मिलने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। उनका कहना था कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने छत्तीसगढ़ के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए। सम्मान समारोह और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।

जीवन का लक्ष्य जनजाति समुदाय की सेवा : जागेश्वर यादव
कार्यक्रम के विशेष वन-टू-वन संवाद में पद्मश्री जागेश्वर यादव ने आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा से बातचीत करते हुए अपने जीवन की प्रेरणा साझा की। उन्होंने कहा कि बिरहोर जनजाति (बिहार नहीं) की दयनीय स्थिति को करीब से देखने के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन इस समुदाय की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि जब तक इस जनजाति के जीवन में सम्मानजनक बदलाव नहीं आ जाता, तब तक उनकी सेवा का संकल्प जारी रहेगा। इसी संकल्प के कारण उन्होंने आज तक चप्पल नहीं पहनी और नंगे पैर चलना अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाया। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं तक जनजातीय परिवारों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए गए, जिसमें अनेक सामाजिक संगठनों का भी महत्वपूर्ण सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि आज बिरहोर समुदाय की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है, हालांकि अभी भी व्यापक सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर में तेजी से हो रहे विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव जनजातीय समाज के जीवन पर दिखाई दे रहा है।

जशपुर की बनवासी संस्कृति बहुत ही समृद्धशाली है : श्रीपाद जी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वनवासी कल्याण आश्रम के प्रांत अध्यक्ष श्रीपाद जी ने कहा कि जशपुर की वनवासी संस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि वीरता, त्याग और गौरवशाली इतिहास की जीवंत धरोहर है। उन्होंने कहा कि इतिहास के अनेक पन्नों में वनवासी समाज के शौर्य का उल्लेख मिलता है। उन्होंने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम प्रदेशभर में जिलेवार कार्य करते हुए वनवासी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। संस्था का उद्देश्य वनवासी परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और भारतीय सनातन परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ समाज को आत्मनिर्भर बनाना है।

कानून का पालन प्रत्येक नागरिक का नैतिक धर्म : एसपी लाल सिंह उम्मेद

जशपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल सिंह उम्मेद ने अपने संबोधन में कानून के प्रति जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और यातायात नियमों का पालन इसमें सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों की होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया और तीन हजार से अधिक हेलमेट वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि पुलिस, सामाजिक संगठनों और नागरिकों के सहयोग से चलाए गए इस अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आया है और जिले में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पुलिस जवानों की निरंतर मेहनत और आम लोगों के सहयोग को दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा

संवाद सत्र के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन में रंग भर दिए। छत्तीसगढ़ी लोक गायिका आरु साहु की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को लोक संस्कृति की मिठास से सराबोर कर दिया, वहीं काव्य पाठ ने साहित्यिक वातावरण को और समृद्ध बनाया। कार्यक्रम में जशपुर के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान साहित्यिक विमर्श का आयोजन किया गया, जिसमें बदलते सामाजिक परिदृश्य में महिलाओं की स्थिति, साहित्य की भूमिका तथा मीडिया से साहित्य के लगातार दूर होते जाने जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। दिनभर चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता, विद्यार्थी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संवाद, सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के इस समन्वित आयोजन ने जशपुर में सामाजिक चेतना, जनभागीदारी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।

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