जयस्तंभ चौक व हाईस्कूल चौक बना डेंजर जोन दुर्घटना की संभावना अधिक

0 पदमपुर मार्ग व अग्रसेन चौक रोड जाम 00 बैंको में पार्किंग सुविधा नहीं होना बड़ा कारणदिलीप गुप्ता सरायपाली= नगरपालिका के अदूरदर्शी निर्णय व गौरवपथ सह नाली निर्माण में बरती गई भ्रष्टाचार के चलते जयस्तंभ चौक , अग्रसेन चौक व हाईस्कूल चौक के आसपास का क्षेत्र ट्रैफिक की दृष्टिकोण से काफी खतरनाक हो गया है ।

यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है हालाकि छोटी छोटी घटनाएं आए दिन हो ही रही है । जयस्तंभ चौक के चारों तरफ ठेलो , वाहनों , ट्रकों , बसों व मोटरसाइकिलों की भरमार से हमेशा यहां ट्रैफिक जाम रहता है । यह क्षेत्र एक तरह से डेंजर जोन का रूप ले चुका है । नगर का प्रमुख व व्यस्त चौक होने के कारण यहां हमेशा वाहनों के साथ ही लोगों की भीड़ भी लगे रहती है । सर्वाधिक खतरा व ट्रैफिक जाम होने में चौक में ही स्थित भारतीय स्टेट बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है ।

प्रमुख बैंक होने के कारण यहां सुबह से लेकर अंधेरा होते तक ग्राहकों की वाहने व कारें बेतरकीब तरीके से खड़ी हो जाती है । थाने में पुलिस बल की कमी की बात हमेशा आने के कारण नगर मे कहीं भी व किसी भी चौक में एक भी पुलिस का सिपाही नजर नहीं आता न ही उनकी ड्यूटी यातायात को बेहतर व सुरक्षित बनाए जाने हेतु लगाई जाती है जिसके वजह से लोग बेखौफ होकर यत्र तत्र गाड़ियों को असुरक्षित तरीके से खड़ी कर मार्केटिंग करने निकल जाते हैं ।

सरायपाली नगर अब एक प्रमुख व्यवसायिक व व्यापारिक केंद्र का रूप ले चुका है नगर में 15 से अधिक बैंक खुल चुके हैं बड़े बड़े माल व व्यवसायिक भवनों का निर्माण भी हो रहा है पर किसी भी बैंकों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तथा भवनों में पार्किंग की सुविधा नहीं दी गई है । नवनिर्मित भवनों व व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के लिए यह प्रथम शर्ते है पर क्या नगरपालिका अनुमति देने के पूर्व इसका पालन कर रही है यह जांच का विषय है । पार्किंग के अभाव में जिसके चलते गौरवपथ सड़क में ही सभी वाहने खड़ी होती है । सड़को में लगातार वाहनों के खड़े होने से आवागमन अवरुद्ध होता है वो अक्सर जाम की स्थिति निर्मित होती है ।

जयस्तंभ चौक में चारों तरफ से लोगो का आना जाना विभिन्न कार्यों के लिए लगा रहता है । यही से अन्य वाहनों के साथ ही प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गिट्टी , बालू व डस्ट से भरे व खुले वाहने गुजर रही हैं तो वहीं अनेक बसे तथा सरसीवां की तरफ से भी प्रतिदिन ट्राली वाहने गुजरती है । इतने भारी ट्रैफिक के बावजूद इन्हें रोकने व नियंत्रित किए जाने की कोई व्यवस्था नगर में नहीं है । न ही नगरवासी और न ही प्रशासन को इसमें कोई रुचि है । जयस्तंभ चौक से पदमपुर मार्ग मे जोगनीपाली सीमा तक सड़क की चौड़ाई पर्याप्त होने के बावजूद यहां सर्वाधिक ट्रैफिक जाम होता है । सड़को तक सामानों को रखे जाने के कारण ग्राहकों को अपनी वाहनों को मजबूरीवश सड़क में ही गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है । इस मार्ग के अधिकांश व्यवसायियों द्वारा सड़क तक सामानों को निकल दिए जाने से सड़कों में वाहनों के लिए जगह पर्याप्त नहीं बचती । इस मार्ग में प्रतिदिन सैकडो की संख्या में दोपहिया , चारपहिया , ट्रक , बस , हाइवा , ट्रैक्टर , जेसीबी वगैरहो का आना जाना लगा रहता है जिससे सड़को में चलना खतरे से खाली नहीं होता । इसी वजह से एक हफ्ता पूर्व आहार ब्रिज के नीचे लगातार दो बार दुर्घटना हो चुकी है । वहीं दुर्गा मंदिर के सामने अलग अलग दुर्घटनाओं में जेसीबी के चपेट में आने से दो लोगों की पूर्व में अकाल मौत भी हो चुकी है । सर्वाधिक अतिक्रमण जयस्तंभ चौक से बड़ा तालाब तक है । यहां हमेशा जाम की स्थिति बने रहती है ।सड़क तक ही दुकानों का सामान निकलने के साथ ही विभिन्न प्रकार के ठेलो की वजह से हमेशा दुर्घटना की संभावना बने रहती है ।

इसी तरह चौक स्तंभ के चारों तरफ व अग्रसेन चौक तरफ जाने के रास्ते में बैंक के सामने हमेशा वाहनों का जमावड़ा लगे रहता है । इसी तरह शिवानी स्वीट्स के सामने सियाराम शोरूम चौक , मदरसा , फल दुकानों , के आगे अग्रसेन चौक तक डिवाइडर के दोनों तरफ वाहनों की भीड़ के चलते हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है । ऐसी ही स्थिति अग्रसेन चौक के आसपास बनती है । चौक में मोड होने व सड़क तक दुकानों के लगने वी निर्माण सामग्री का ढेर लगने के कारण आवागमन प्रभावित होता है । अग्रसेन चौक से पुराना पेट्रोल पम्प तक डिवाइडर के दोनो तरफ शाम को चौपाटी का रूप ले लेने के कारण सड़कें जाम हो जाती है । पुराना अस्पताल से अग्रसेन चौक तक यही स्थिति निर्मित होती है ।वर्तमान में शादी विवाह का सीजन है जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों से विवाह सामग्री खरीदने हेतु ट्रैक्टरों व छोटा हांथी की नगर में भरमार हो गई है नाली तक दुकानों को लगा दिए जाने के कारण ग्राहकों की मजबूरी हो जाती है अपनी गाड़ियों को सड़क में खड़े किए जाने के लिए । नगर मे पार्किंग की कोई सुविधा नगरपालिका द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण इस तरह स्थिति प्रतिदिन निर्मित होती है ।वर्तमान में बड़ा तालाब से जयस्तंभ चौक तक लाखों रुपए खर्च कर नाली का निर्माण तो कोलिया जा रहा है पर इसका फायदा किसी को होना नहीं है क्योंकि पानी निकासी की कोई व्यवस्था ही नगरपालिका द्वारा नहीं की गई है । ठेकेदार द्वारा नाली निर्माण में प्रयुक्त होने वाले सामानों को आधी सड़क तक कब्जा कर लिए जाने से भी यातायात तो प्रभावित्वो रहा है सड़क भी खराब हो रही है ।घटिया व स्तरहीन नाली निर्माण से लोगो में नाराजगी भी है । सड़क साइड में नाली की दिवाल तो दी जा रही है पर दुकान तरफ बगैर पाटा लगाए ही नाली बनाई जा रही है जिसके मजबूती की कोई गारंटी नहीं है । बड़े तालाब तक 40 फिट चौड़ी नाली बन रही है पर लोगों को आशंका है कि जैसे जैसे यह नाली जयस्तंभ तक जाएगी तो क्या इसी लंबाई में नाली का निर्माण होगा ? वैसे इसकी संभावना कम दिखाई देती है ।स्थानीय प्रशासन , पुलिस व नगरपालिका प्रशासन को चाहिए कि वे नगर में बेहतरीन , सुरक्षित व सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु सक्रिय हो व अवैध कब्जाधारियों पर कार्यवाही करे । इसके साथ ही नगरपालिका को चाहिए कि वह सर्विस रोड व सहायक नाली हेतु सुरक्षित रखे गए 15 फिट की भूमि को दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को खाली कराकर शीघ्र ही सर्विस रोड व नालिवका निर्माण प्रारंभ करे इससे गौरवपथ में वाहनों के खड़े होने की समस्याओं से मुक्ति भी मिल सकेगी । यह नगर के बेहतरीन, सुरक्षित व सुगम यातायात के लिए आवश्यक है ।

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