टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बदले सुर, अभिषेक बनर्जी को बताया बेटे जैसा, ममता बनर्जी को दिया था अल्टीमेटम

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी के अंदर चल रही आपसी खींचतान के बीच एक बहुत बड़ा सियासी यू-टर्न देखने को मिला है। टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोलने और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को अल्टीमेटम देने वाले वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के तेवर अचानक बेहद नरम पड़ गए हैं। अब उन्होंने सुलह का रास्ता अपनाते हुए अभिषेक बनर्जी को अपने बेटे जैसा बताया है। कल्याण बनर्जी ने कहा कि एक बेटे की सभी गलतियों को माफ करना एक पिता का कर्तव्य होता है।

पार्टी में दरार की खबरों के बीच आया बड़ा बयान

तृणमूल कांग्रेस के भीतर पिछले कुछ दिनों से अंदरूनी कलह और गुटबाजी की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही थीं। इसी सियासी गर्माहट के बीच शनिवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि अभिषेक मेरे बेटे जैसा है और बेटे की हर गलती को एक पिता ही माफ करता है। कल्याण बनर्जी का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि महज कुछ दिन पहले ही उन्होंने पार्टी के भीतर बगावत का झंडा बुलंद कर रखा था।

अभिषेक बनर्जी को घमंडी बताकर दी थी पार्टी छोड़ने की चेतावनी

आपको बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर जमकर भड़ास निकाली थी। उन्होंने अभिषेक को बेहद अहंकारी और घमंडी व्यक्ति बताते हुए कहा था कि उनकी वजह से आज टीएमसी पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। इतना ही नहीं, कल्याण बनर्जी ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया था कि वे या तो पार्टी के पुराने वफादार नेताओं को चुनें या फिर अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि अगर ममता बनर्जी अपने भतीजे का साथ देती हैं, तो वे कोई भी बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर हो जाएंगे।

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक हालातों पर जताई चिंता

अभिषेक बनर्जी को लेकर नरमी दिखाने के साथ ही कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था और विपक्षी नेताओं की स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी लोकतंत्र इस समय बड़े खतरे में है। बंगाल ने इतिहास में कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी जहां विपक्ष को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश की जा रही हो। मुख्यमंत्री प्रतिशोधी राजनीति कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और बीजेपी दोनों मिलकर पार्टी के नेताओं को परेशान कर रहे हैं, जिससे काम करना मुश्किल हो गया है।

बागी सांसदों के बीजेपी में जाने की अटकलों पर दिया जवाब

लोकसभा में टीएमसी के बागी सांसदों के एक गुट द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से संपर्क करने और बीजेपी के साथ जाने की चर्चाओं पर भी कल्याण बनर्जी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो सांसद बीजेपी की शरण में जा रहे हैं, वे सिर्फ अपने क्षेत्रों के विकास का बहाना बना रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे खुद कभी अपने क्षेत्र की जनता से मिलने नहीं जाते। उन्होंने दावा किया कि जो 19 सांसद टीएमसी छोड़कर बीजेपी में जाने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें बीजेपी भी आसानी से स्वीकार नहीं करने वाली है।

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