नई दिल्ली:
भारत और नेपाल के रोटी-बेटी के रिश्ते अब डिजिटल युग में एक नई इबारत लिख रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Nepal Foreign Minister Shishir Khanal) इस समय भारत के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। नई दिल्ली पहुंचते ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर कई बड़े फैसले हुए हैं। इस दौरे की सबसे बड़ी खबर यह है कि अब हमारे पड़ोसी देश नेपाल में भी भारत का UPI (Unified Payments Interface) धड़ल्ले से चलेगा।

नेपाल में भी डिजिटल पेमेंट का जलवा, NHCL और NPCI में डील
इस यात्रा के दौरान डिजिटल कनेक्टिविटी (digital connectivity) को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। नेपाल की NHCL और भारत की NPCI ने हाथ मिलाया है। इस साझेदारी के बाद नेपाल में UPI आधारित डिजिटल भुगतान व्यवस्था को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। यानी अब भारतीय पर्यटकों और व्यापारियों को नेपाल में पैसों के लेन-देन में कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी और एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए काठमांडू यूनिवर्सिटी और भारत के ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ (Digital India Mission) के बीच भी एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
हम एक ही प्राचीन परंपरा की संतान: शिशिर खनाल
दिल्ली में मीडिया और अधिकारियों से बात करते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बेहद दिल छूने वाली बात कही। उन्होंने कहा, “भारत और नेपाल सिर्फ पड़ोसी देश नहीं हैं। हमारा इतिहास, संस्कृति, नदियां और पर्वत एक-दूसरे से जुड़े हैं। सच कहें तो हम एक ही नदियों, पहाड़ों और प्राचीन ज्ञान परंपरा की संतान हैं।”
खनाल ने भारत को दुनिया की उभरती हुई आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति (economic and tech superpower) बताया। उन्होंने साफ कहा कि अब दोनों देशों को पुरानी भू-राजनीतिक सोच छोड़कर भविष्य की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और NSA अजित डोभाल से मुलाकात
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में द्विपक्षीय व्यापार (bilateral trade), सीमा-पार संपर्क, ऊर्जा सहयोग और जल संसाधन प्रबंधन पर गंभीर चर्चा हुई। जयशंकर ने भरोसा दिलाया कि भारत और नेपाल का आपसी विश्वास अटूट है।
इसके बाद शिशिर खनाल ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सड़क-रेल संपर्क (cross-border connectivity), बिजली व्यापार (power trade) और पर्यटन को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। इस दौरे ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में भारत-नेपाल संबंध (India Nepal bilateral relations) नई ऊंचाइयों को छूने वाले हैं।