रमेश गुप्ता भिलाई। भिलाई टाउनशिप, कैंप, खुर्सीपार और रिसाली क्षेत्र में रहवासियों को जारी किए जा रहे नोटिसों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव ने बीएसपी (भिलाई स्टील प्लांट) प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर की वर्षों पुरानी बसाहट और हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले स्पष्ट रोडमैप सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
सेक्टर-5 स्थित कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में विधायक ने कहा कि भिलाई केवल एक औद्योगिक नगरी नहीं, बल्कि देश की विविध संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यहां दशकों से रह रहे लोगों के मन में अनिश्चितता का माहौल बन रहा है, जिसे दूर करना बीएसपी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि छह माह पहले हुए “भिलाई सत्याग्रह” आंदोलन के दौरान प्रबंधन की ओर से आश्वासन दिया गया था कि किसी भी बड़े निर्णय की जानकारी जिला प्रशासन के माध्यम से साझा की जाएगी, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। दूसरी ओर लाइसेंसधारियों, लीजधारियों और रिटेंशनधारियों को नोटिस भेजे जाने से लोगों की चिंता बढ़ी है।
पहले सामने आए पूरी योजना
देवेंद्र यादव ने कहा कि यदि बीएसपी अपनी किसी भूमि को राज्य सरकार को हस्तांतरित करने या भविष्य में किसी अन्य उपयोग की योजना बना रहा है तो उसका विस्तृत खाका सार्वजनिक किया जाना चाहिए। प्रभावित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर बीएसपी की विभिन्न यूनियनों और सामाजिक संगठनों से भी चर्चा की जाएगी ताकि रहवासियों के हितों की रक्षा के लिए साझा रणनीति बनाई जा सके।
100 से अधिक परिवारों ने सौंपी नोटिस की प्रतियां
विधायक के मुताबिक अब तक करीब 100 प्रभावित परिवार नोटिसों की प्रतियां लेकर उनके पास पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में अपने आवास और भविष्य को लेकर चिंता है, इसलिए उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
घर-घर संपर्क के बाद आंदोलन की तैयारी
देवेंद्र यादव ने कहा कि यदि समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से नहीं निकलता है तो प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद गांधीवादी तरीके से आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शहर के हजारों परिवारों के हितों से जुड़ा हुआ है।
भिलाई की पहचान से जुड़ा है मुद्दा
पत्रकारवार्ता में विधायक ने कहा कि भिलाई को देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने मिलकर बसाया है। यही कारण है कि इसे “मिनी इंडिया” के रूप में पहचान मिली। ऐसे में शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय पर व्यापक सहमति आवश्यक है।
सर्वदलीय प्रयासों की जरूरत
विधायक ने इस मुद्दे पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि यह विषय राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए। रहवासियों के हितों की रक्षा के लिए सभी पक्षों को मिलकर समाधान तलाशना होगा। इस पत्रकारवार्ता में लीज संघर्ष समिति के पदाधिकारियों, कांग्रेस नेताओं तथा बड़ी संख्या में लीजधारी, लाइसेंसधारी और रिटेंशनधारी मौजूद रहे।