अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा
बोरी में बंद मिली थी लाश रामानुजनगर के तिवरागुड़ी-सरनापारा में फेंका गया था शव।
सोशल मीडिया से हुई शिनाख्त
बैकुंठपुर के शिवप्रसाद के रूप में हुई मृतक की पहचान
खून के धब्बों ने खोला राज
बेटे ने सोते समय किया हमला, मां ने गोबर से लीपे खून के दाग
लाश ठिकाने लगाने में मौसा और दोस्त ने दिया साथ
मोटरसाइकिल, टांगी और लोढ़ा जब्त
सूरजपुर / रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात में रामानुजनगर पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है।
रोज-रोज के पारिवारिक विवाद और मां के साथ होने वाली मारपीट से गुस्साए एक 18 वर्षीय कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक साजिश में बेटे का साथ उसकी मां, मौसा और एक दोस्त ने भी दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी बेटे समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।

बोरी में मिली लाश से फैला था हड़कंप
मामला 12 जून 2026 का है, जब तिवरागुड़ी सरनापारा में एक अज्ञात व्यक्ति की लाश बोरी में बंधी मिली थी। मृतक के सिर पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर रामानुजनगर पुलिस ने तत्काल धारा 103(1) बीएनएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
सोशल मीडिया ने कराई पहचान,, घर पहुंचते ही खुली पोल
अज्ञात शव की शिनाख्ती के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। जल्द ही मृतक की पहचान कोरिया जिले के ग्राम चिरमी परसापानी निवासी शिवप्रसाद के रूप में हुई। जब पुलिस मृतक के घर पहुंची, तो वहां कमरे में जगह-जगह खून के धब्बे दिखे। संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतक के 18 वर्षीय बेटे अमृत लाल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया।
रोज मां को पीटते थे पिता, इसलिए सोते समय मार डाला
आरोपी बेटे अमृत लाल ने कुबूल किया कि 10 जून को उसके पिता बैकुंठपुर पेशी से लौटने के बाद उसकी मां बीरा बाई से बुरी तरह मारपीट कर रहे थे। मां की प्रताड़ना से तंग आकर अमृत ने पिता को खत्म करने का प्लान बनाया। रात करीब 7 बजे जब पिता गहरी नींद में सो रहे थे, तब अमृत ने टांगी कुल्हाड़ी,, और लोढ़े से ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
लाश को ठिकाने लगाने का विलेन प्लान
हत्या के बाद साक्ष्यों को छुपाने के लिए पूरा कुनबा शामिल हो गया,,
मां बीरा बाई ने कमरे में बिखरे खून को छुपाने के लिए जमीन को गोबर से लीप दिया।
मौसा ने दिया आइडिया
अमृत ने अपने मौसा हरवंश सिंह को फोन किया। मौसा ने कहा कि लाश को तिवरागुड़ी के बड़े बांध में फेंक देंगे तो किसी को पता नहीं चलेगा।
कीचड़ में फंसी बाइक, तो दोस्त बना मददगार
11 जून की रात मौसा और अमृत शव को बाइक पर लादकर निकले, लेकिन झरनापारा के पास सड़क पर कीचड़ होने से गाड़ी फंस गई। अमृत ने अपने दोस्त कौशल उईके को झूठ बोलकर बुलाया। सच पता चलने पर कौशल भी लाश ठिकाने लगाने को तैयार हो गया। बांध के पास किसी की टॉर्च की रोशनी देखकर डर के मारे आरोपियों ने लाश को सड़क किनारे तिवरागुड़ी डांड में फेंका और फरार हो गए।
चारों आरोपी सलाखों के पीछे,, पुलिस टीम की बंधी तारीफ
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी अमृत लाल 18 वर्ष, मौसा हरवंश सिंह 35 वर्ष, दोस्त कौशल सिंह उईके 19 वर्ष और मां बीरा बाई 37 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त टांगी, लोढ़ा, मृतक का मोबाइल और शव परिवहन में इस्तेमाल की गईं 3 मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन व एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेंद्र साहू, एएसआई बिशुनदेव पैकरा समेत प्रधान आरक्षक हेमंत सोनवानी, हितेश्वर राजवाड़े और आरक्षक दीपक, परदेशी व युवराज यादव की सराहनीय भूमिका रही।