रायगढ़। जिले के चिरईपानी में महालक्ष्मी कास्टिंग प्लांट में दीवार रुपेश उद्योग के लेबर क्वार्टर में गिरने से गर्भवती महिला की मौत और मजदूरों के घायल होने के मामले में सियासत गरमाने लगी है। मामले में पीसीसी के निर्देश पर बनी जांच कमेटी के सदस्यों ने मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया, और मृतक के परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी भी ली।
दरअसल, चिराईपानी में रुपेश उद्योग के लेबर क्वार्टर में दीवार गिरने से गर्भवती महिला की मौत और मजदूरों के घायल होने के मामले में पीसीसी ने चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव के संयोजन में जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम ने मंगलवार को ग्राम चिराईपानी पहुंचकर पीड़ित परिवार व ग्रामीणों से चर्चा की तथा घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।

इस दौरान जांच कमेटी के सदस्यों का कहना था कि रुपेश संयंत्र प्रबंधन की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ है। 20 फीट ऊंची दीवार की नींव काफी कमजोर थी और दीवार को बीच-बीच से पानी की निकासी के लिए तोड़ दिया गया था। सुरक्षा के मापदंड अनुरूप निर्माण नहीं होने की वजह से दीवार गिरी, जिसकी चपेट में आकर गर्भवती महिला की जान गई जबकि दो अन्य मजदूर घायल हुए।
कांग्रेस का कहना था कि यह सीधा-सीधा हत्या का मामला है और प्रबंधन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जांच कमेटी का यह भी कहना था कि प्लांट प्रबंधन ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, वहीं तालाब को भी पाटने की शिकायत ग्रामीणों ने की है। इतना ही नहीं, प्लांट के इर्द-गिर्द ग्रीन बेल्ट पर भी कब्जे की शिकायत है। इन तमाम बिंदुओं को लेकर उन्होंने कलेक्टर से जांच की मांग करने की बात कही है। कांग्रेस कमेटी ने मृतिका के परिजनों को दो करोड़ तथा घायलों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग शासन से की है।