छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगा सुशासन तिहार, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को पत्र लिख दिए विशेष निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में 1 मई से आयोजित होने वाले सुशासन तिहार के सफल संचालन के लिए सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य जन शिकायतों का त्वरित निराकरण और शासन की कल्याणकारी योजनाओं को सीधे आम जनता तक पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से कलेक्टरों को शासन की प्राथमिकताओं से अवगत कराते हुए जन समस्या निवारण शिविरों के आयोजन पर विशेष जोर दिया है।

1 मई से 10 जून तक लगेंगे समाधान शिविर

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून के बीच प्रदेश भर में जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और नगरीय क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर के आधार पर इन शिविरों की रूपरेखा तैयार की गई है। शिविरों में विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को लाभ का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शिविरों में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए और इसकी सूचना अनिवार्य रूप से संबंधित आवेदक को दी जाए।

मंत्री और अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण

अभियान के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं, मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर शिविरों में शामिल होंगे। इसके साथ ही प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। शिविर के बाद जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित होंगी, जिनमें आवेदनों के निराकरण की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। राज्य स्तर से इसकी बिंदुवार समीक्षा के लिए विशेष पत्रक भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

30 अप्रैल तक लंबित कार्यों को निपटाने की समय सीमा

सुशासन तिहार की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल तक सभी जिलों में लंबित प्रकरणों के निष्पादन के निर्देश दिए हैं। इनमें भूमि संबंधी मामले जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन का निराकरण प्रमुख है। इसके अलावा मनरेगा की लंबित मजदूरी का भुगतान, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जारी करना, बिजली संबंधी शिकायतें और हैंडपंप सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता पर रखने को कहा गया है। साथ ही उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

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