0पुलिस ने जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को बताया मुख्य षड्यंत्रकर्ता 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= अंततः लंबे समय से फरार कैप्सूल गैस कांड चोरी के फरार मुख्य आरोपी अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल प्राइवेट लिमिटेड प्लांट के संचालक संतोष सिंह ठाकुर व डायरेक्टर पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को महासमुंद पुलिस द्वारा महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर महासमुंद लाने में भारी सफलता मिली है । इस गैस कांड चोरी प्रकरण में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव व 3 अन्य को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है । इस प्रकरण में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है ।
इस गिरफ्तारी विस्तृत जानकारी देते हुवे महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि करोड़ों रुपये मूल्य की गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों के गबन और कालाबाजारी के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए होटल में छिपकर रह रहे थे। जिनकी खोजबीन काफी समय से की जा रही थी । इसकी जानकारी मिलने पर एक पुलिस टीम गठित कर महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से उक्त दोनों पिता पुत्र मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर महासमुंद लाया गया ।
महासमुंद पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पत्रकारों को जानकारी देते हुवे पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि महासमुंद पुलिस द्वारा इस गैस चोरी प्रकरण के मामले में संलिप्त मुख्य षडयंत्रकारी खाद्य अधिकरी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, निखिल वैष्णव और मनीष चौधरी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। अभी तक इस मामले में 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच अभी भी जारी है । उक्त संस्था के संचालक संतोष सिंह ठाकुर व पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद इनसे इस मामले में पूछताछ किए जाने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी।
आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी संतोष ठाकुर और उसका पुत्र सार्थक घटना के बाद से फरार थे। उनकी तलाश में महासमुंद पुलिस ने रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर तक अलग-अलग टीमें रवाना की थीं। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर शांति बिहार कालोनी डगनिया थाना डीडी नगर रायपुर निवासी संतोष सिंह ठाकुर (57) और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर (27) को गिरफ्तार किया गया । पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किया है।
एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि सिंघोड़ा में दर्ज अपराध क्रमांक 96/25 के तहत 24 दिसंबर 2025 को 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया गया था। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए इन वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य विभाग की मौजूदगी में 30 मार्च 2026 को इन्हें ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स, उरला रायपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि सुपुर्द किए गए ट्रकों में से 5 कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस (कीमत लगभग 77 लाख रुपये) का आपराधिक षड्यंत्र के तहत गबन कर लिया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक, दिसंबर 2025 में जब्त किए गए एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को सुपुर्दनामा पर ठाकुर पेट्रो के हवाले किया गया था। आरोप है कि इसके बाद गैस को अवैध तरीके से विभिन्न एजेंसियों और संस्थानों को बिना जीएसटी के बेच दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि अप्रैल महीने में 40 टन एलपीजी की खरीद दिखाई गई, जबकि 135 टन गैस की बिक्री की गई। पुलिस के अनुसार, कुल 87 टन एलपीजी गैस की हेराफेरी की गई जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने इसे आपराधिक न्यास भंग, कूट रचना और कालाबाजारी का गंभीर मामला मानते हुए संतोष ठाकुर सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया था।
एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि इस पूरे मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण और संदिग्ध पाई गई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को सुपुर्दनामा दिलाने, फर्जी तौल पंचनामा तैयार कराने और गैस स्टॉक को जल्द खाली करवाने की साजिश में अजय यादव की मुख्य भूमिका थी। पुलिस ने उसे इस पूरे खेल का प्रमुख षड्यंत्रकारी बताया है।
00पहले ही हो चुकी है चार गिरफ्तारियां00
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस इससे पहले चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर( संचालक गौरव गैस एजेंसी महासमुंद ), मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मामले की विवेचना अभी जारी है और गैस हेराफेरी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।