रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीएमएससी घोटाले में बड़ी खबर आई है। मामले से जुड़े मुख्य आरोपी मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा और कमलकांत पाटनवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद दोनों ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी। ईओडब्ल्यू की एफआईआर के आधार पर दोनों आरोपी लंबे समय से रायपुर जेल में बंद थे।
यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में हुए करीब 660 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़ा है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान बिना किसी बजट आवंटन के भारी मात्रा में मेडिकल उपकरणों और केमिकल की खरीदी की गई थी। नियमों को ताक पर रखकर उन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी सप्लाई की गई, जहां न तो इनकी जरूरत थी और न ही मशीनों को रखने की पर्याप्त सुविधा।
जांच में खुलासा हुआ कि प्रदेश के 776 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में से 350 ऐसे केंद्र थे, जिनके पास इन उपकरणों के संचालन के लिए जरूरी जनशक्ति और तकनीक उपलब्ध नहीं थी। लेखा विभाग की टीम ने वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दस्तावेजों की जांच में पाया कि स्वास्थ्य विभाग की मांग और जमीनी हकीकत का विश्लेषण किए बिना ही राजकोष को नुकसान पहुंचाया गया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू होगी।