छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 16 जून को हुए बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अब बड़ा मोड़ आ गया है। राज्य सरकार ने भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों को जिंदा जलाकर हत्या किए जाने के मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश कर दी है। 30 जून को लिए गए इस फैसले के बाद अब इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। पीड़ित परिवार लंबे समय से निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग कर रहा था।

रेत खनन की रंजिश बनी तिहरे हत्याकांड की वजह
जानकारी के मुताबिक, सोनहत क्षेत्र के ग्राम कटगोड़ी (नौगई) में अवैध रेत खनन और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर सिंह परिवार और त्रिपाठी परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि 16 जून की रात इसी रंजिश के चलते भाजपा नेता भरत सिंह, वीरेंद्र सिंह और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति की फॉर्च्यूनर कार को रास्ते में रोक लिया गया। इसके बाद उन पर हमला किया गया और वाहन में ही आग लगा दी गई, जिससे तीनों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
वारदात के बाद पुलिस ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर कई संदिग्धों को हिरासत में लिया और बाद में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई।
परिजनों की मांग के बाद सरकार ने लिया बड़ा फैसला
पीड़ित परिवार शुरू से ही स्थानीय जांच पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच CBI से कराने की मांग कर रहा था। उनका कहना था कि हत्या के पीछे संगठित नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसी मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अब CBI जांच की सिफारिश कर दी है। माना जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से हत्या के पीछे की पूरी साजिश और वास्तविक भूमिका निभाने वाले लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
CBI जांच से बढ़ेंगी कई लोगों की मुश्किलें
सरकार की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर CBI इस मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। इसके बाद अब तक की पुलिस जांच, गिरफ्तार आरोपियों, कॉल डिटेल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अवैध रेत खनन से जुड़े पूरे नेटवर्क की नए सिरे से पड़ताल होने की संभावना है। राजनीतिक रूप से भी यह मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में CBI जांच के फैसले ने एक बार फिर इस ट्रिपल मर्डर केस को प्रदेश की सबसे चर्चित घटनाओं में ला खड़ा किया है।