वॉशिंगटन। अमेरिकी नागरिकता को लेकर वहां की सुप्रीम कोर्ट ने एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता के नियम को पूरी तरह से सही ठहराया है। इस फैसले से राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की उन कोशिशों को भारी झटका लगा है, जिसके जरिए वे इस नियम को बदलना चाहते थे। ट्रंप चाहते थे कि जन्म के समय अमेरिकी नागरिक माने जाने के पुराने नियमों को बदल दिया जाए।

ट्रंप का आदेश कोर्ट में खारिज
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार, 30 जून को राष्ट्रपति ट्रंप के उस विशेष सरकारी आदेश को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें नागरिकता रोकने की बात कही गई थी। ट्रंप के इस आदेश में कहा गया था कि अगर किसी बच्चे के माता-पिता अमेरिका में बिना कानूनी दस्तावेजों के या सिर्फ कुछ समय के लिए रह रहे हैं, तो यहां पैदा होने के बावजूद उनके बच्चों को नागरिकता नहीं दी जाएगी।
जजों ने बहुमत से लिया निर्णय
कोर्ट ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन छह और तीन के बहुमत से यह बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि अमेरिकी धरती पर पैदा होने वाले लगभग हर व्यक्ति को वहां की नागरिकता पाने का पूरा अधिकार है। इस फैसले के बाद अमेरिका के संविधान में 14वें संशोधन की वह पुरानी व्यवस्था बनी रहेगी, जो वहां की धरती पर जन्म लेने वाले हर बच्चे को नागरिक होने की पक्की गारंटी देती है।
क्या है नागरिकता से जुड़ा पुराना नियम
अमेरिका में नागरिकता से जुड़ा नियम बेहद साफ है। इस नियम के मुताबिक, जो भी व्यक्ति अमेरिका में पैदा हुआ है या जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत नागरिकता मिली है, और जो देश के नियमों के दायरे में आता है, वह अमेरिका और उस राज्य का नागरिक माना जाएगा जहां वह रह रहा है।
दूसरी तरफ, ट्रंप सरकार की दलील थी कि इस नियम को लेकर लोगों की समझ गलत है। सरकारी अधिकारियों का कहना था कि जो लोग अमेरिका के नागरिक नहीं हैं, उनके बच्चे देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। इसलिए ऐसे बच्चों को जन्म के आधार पर सीधे नागरिकता का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की इस दलील को पूरी तरह से अमान्य कर दिया है।