बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की जर्जर सड़कों और विशेष रूप से बिलासपुर शहर की खराब कनेक्टिविटी पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग और शासन को स्पष्ट किया है कि केवल रंगाई-पुताई के बजाय सड़कों का वास्तविक पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य तथ्य:
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नेहरू चौक से पेंड्रीडीह (रायपुर रोड) तक सड़क के पुनर्निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने का आदेश दिया है.
राज्य सरकार ने अदालत को सूचित किया है कि एनआईटी रायपुर की विस्तृत रिपोर्ट और सॉयल टेस्ट के आधार पर सड़क नवीनीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है.
अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वर्षों तक केवल अध्ययन के नाम पर समय बर्बाद नहीं किया जा सकता क्योंकि जर्जर सड़कों से जनता की जान को खतरा बना रहता है.
लोक निर्माण विभाग ने बताया कि तुर्काडीह, सेंदरी, रानीगांव और बेलतरा जैसे क्षेत्रों में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं.
फुट ओवरब्रिज निर्माण की अनुमानित लागत अब 17.95 करोड़ से घटकर 11.38 करोड़ रुपये हो गई है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होगी.
न्यायमित्रों द्वारा सौंपी गई विभिन्न सड़कों की रिपोर्ट पर भी शासन ने जांच और आवश्यक कायाकल्प शुरू करने का आश्वासन दिया है.
हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 1 जुलाई की तिथि निर्धारित की है.