नई दिल्ली। सीबीएसई की 10वीं क्लास की सेकंड बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही छात्र अपने नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने रिजल्ट को लेकर स्थिति साफ कर दी है। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक रिजल्ट जारी करने की किसी तय तारीख का एलान नहीं किया है, लेकिन यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि परिणाम इसी महीने यानी जून में ही घोषित कर दिए जाएंगे। नई शिक्षा व्यवस्था के तहत छात्रों को अपने नंबर सुधारने के लिए यह दूसरा मौका दिया गया है ताकि वे अपना ओवरऑल स्कोर बेहतर कर सकें।
मई में आयोजित की गई थी सेकंड बोर्ड परीक्षा
सीबीएसई ने इस बार सेकंड बोर्ड परीक्षा का आयोजन 15 मई से 21 मई के बीच किया था। इस खास व्यवस्था के तहत जिन छात्रों की पहली मुख्य परीक्षा अच्छी नहीं गई थी, उन्हें अधिकतम तीन विषयों में अपने नंबर सुधारने का मौका दिया गया। इसके साथ ही, मुख्य परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी में आए छात्रों को भी इस परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी ताकि उनका पूरा साल बर्बाद न हो।
वेबसाइट के साथ उमंग ऐप और डिजिलॉकर पर भी दिखेगी मार्कशीट
रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर जाकर अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को cbse.gov.in या results.cbse.nic.in पर जाना होगा। इसके अलावा, तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए बोर्ड उमंग ऐप और डिजिलॉकर प्लेटफॉर्म पर भी डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराएगा। छात्र अपने रोल नंबर और क्रेडेंशियल्स की मदद से आसानी से अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे।
पहली परीक्षा में लड़कियों ने दर्ज की थी शानदार जीत
आपको बता दें कि सीबीएसई ने इस साल की मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 अप्रैल को जारी किया था। उस परीक्षा में कुल 93.70 प्रतिशत छात्र पास होने में कामयाब रहे थे। मुख्य परीक्षा में भी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों के मुकाबले काफी बेहतर रहा था। लड़कियों का पास प्रतिशत जहां 94.99 फीसदी दर्ज किया गया था, वहीं लड़कों का पास प्रतिशत 92.60 फीसदी रहा था।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर अब भी जारी है विवाद
इन सब के बीच, सीबीएसई बोर्ड इस समय अपनी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम को लेकर विवादों में घिरा हुआ है। कॉपियों को जांचने की इस डिजिटल तकनीक पर लगातार कई तरह के सवाल और आरोप उठ रहे हैं। हालांकि, बोर्ड ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है और बोर्ड अब इस मूल्यांकन प्रणाली को और ज्यादा सटीक और पारदर्शी बनाने पर अपना पूरा फोकस कर रहा है।