भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जन-कल्याण से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगी है। सरकार ने ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में भारी बढ़ोतरी की है।
किसानों को अब 4 गुना मुआवजा
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी काम के लिए भूमि अधिग्रहण करने पर किसानों को बाजार दर से 4 गुना ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए ‘फैक्टर 2’ को मंजूरी दी गई है। साथ ही प्रदेश में निर्माण कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपये के बजट को हरी झंडी दिखाई गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस
छात्रों को साइकिल: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को सरकार साइकिल देगी। इसके लिए अगले 5 वर्षों में 990 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेज में सुविधाएं: अगले 5 साल में सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए अस्पतालों में ‘आश्रय स्थल’ भी बनाए जाएंगे।
उज्जैन और छिंदवाड़ा को सौगात
कैबिनेट ने उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी है, जिससे 35 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा। वहीं, छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास पैकेज में 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की गई है।
नारी शक्ति वंदन के लिए विशेष सत्र
महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के विरोध में एमपी सरकार ने एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा ‘सीएम केयर योजना 2026’ को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिस पर 3628 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अन्य प्रमुख निर्णय:
अमरकंटक और नर्मदा समग्र विकास के लिए सरकार ने अपना संकल्प दोहराया है।
जल संवर्धन के मामले में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान मिलने और 10वीं-12वीं के बेहतर परीक्षा परिणामों पर कैबिनेट ने हर्ष जताया।