राजकुमार मल
Bhatapara Market : टूट, फिर भी मजबूत चरोटा, निर्यात के द्वार अब भी बंद
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Bhatapara Market : भाटापारा- था 4000 रुपए। है 3200 से 3400 रुपये क्विंटल। यह तब, जब निर्यात बंद है। मजबूती इसलिए बनी हुई है क्योंकि चरोटा में घरेलू मांग और भंडारण का दबाव बना हुआ है।
नई फसल के आने में फिलहाल चार माह का समय है लेकिन तेज भाव से संकेत मिल रहे हैं कि यह स्थिति नई फसल के आने तक बनी रहेगी। इसे देखते हुए भंडारण की मात्रा बढ़ाए जाने के संकेत मिल रहे हैं। इधर निर्यात की राह बंद है लेकिन उच्च स्तरीय प्रयास को देखते हुए माना जा रहा है कि बहुत जल्द आयातक देशों की खरीदी चालू हो जाएगी।
टूट, फिर भी मजबूत
वनोपज कारोबारियों के अनुसार 4000 रुपए क्विंटल तक जा पहुंचा चरोटा फिलहाल 3200 से 3400 रुपए क्विंटल पर मजबूत है। मंदी की धारणा इसलिए नहीं है क्योंकि भंडारण के लिए घरेलू मांग का दबाव बना हुआ है। यह स्थिति चार माह बाद आने वाली नई फसल तक बने रहने की संभावना है। इसलिए उत्पादक क्षेत्र को सूचना दी जा रही है कि नई फसल के आने के दिनों में संग्रहण पर गंभीरता से ध्यान दें।
प्रतीक्षा निर्यात खुलने की
Bhatapara Market : चीन, जापान, ताइवान और मलेशिया। यह चारो देश छत्तीसगढ़ के चरोटा के सबसे बड़े खरीददार हैं। फिलहाल इन देशों के लिए निर्यात बंद है। वनोपज बाजार निर्यात के द्वार खोले जाने के लिए उच्च स्तरीय प्रयास कर रहा है। संकेत सकारात्मक मिल रहे हैं। इसलिए उत्पादक क्षेत्र से संपर्क बढ़ाया जा रहा है ताकि नई फसल की ज्यादा से ज्यादा मात्रा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
श्रेष्ठ चरोटा यहां का
वैसे तो प्रदेश के हर जिले में चरोटा प्राकृतिक रूप से तैयार होता है लेकिन जशपुर, सरगुजा, बस्तर, और गरियाबंद जैसे वनांचल से मिलने वाला चरोटा निर्यात के सभी मानक पूरा करता है। इसलिए कारोबारी इन्हीं चार क्षेत्रों पर नजर रखे हुए हैं। संग्रहण के लिए प्रारंभिक सूचना भेजे जाने के बाद अब नई फसल की खरीदी और भंडारण जैसी प्रारंभिक तैयारी शुरू की जा रही है।
प्रतीक्षा निर्यात की अनुमति की
निर्यात की अनुमति फिलहाल नहीं है भाव में तेजी भविष्य की मांग को देखते हुए आ रही है।
– सुभाष अग्रवाल, एस पी इंडस्ट्रीज, रायपुर