बस्तर ब्रेकिंग: लाल आतंक को सबसे बड़ा झटका, 20 लाख का इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर पत्नी संग सरेंडर, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में भी गिरे हथियार

जगदलपुर/रायपुर। लाल गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। माओवादी संगठन की कमर पूरी तरह टूट चुकी है। संगठन के सबसे बड़े चेहरों में से एक, केंद्रीय समिति (CC) के सदस्य पसुनूरी नरहरि उर्फ संतोष ने सरेंडर कर दिया है। नरहरि पर सरकार ने 20 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम रखा था। उसने अकेले नहीं, बल्कि अपनी पत्नी जोबा उर्फ पूनम के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने घुटने टेके हैं। उसकी पत्नी भी माओवादियों की क्षेत्रीय समिति की बड़ी सदस्य है।


बीमारी और खोखली विचारधारा से टूटे नक्सली

मूल रूप से तेलंगाना के हनमकोंडा का रहने वाला नरहरि झारखंड और बिहार के जंगलों में संगठन का बड़ा आका था। वह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी और पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो में अहम फैसले लेता था। पुलिस के आला अफसरों के मुताबिक, नरहरि लंबे समय से बीमार चल रहा था। संगठन के भीतर इलाज न मिलने और लगातार बढ़ते दबाव के कारण उसने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। बस्तर और झारखंड की सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे एक ऐतिहासिक कामयाबी माना जा रहा है।

महाराष्ट्र और बस्तर में भी 15 बड़े नक्सलियों ने डाले हथियार

झटके यहीं खत्म नहीं हुए। बुधवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के कांकेर में कुल 15 खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। इन सभी पर कुल मिलाकर 1 करोड़ 5 लाख रुपये से ज्यादा का इनाम था।

गढ़चिरौली में डीजीपी रश्मि शुक्ला के सामने 11 नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिनमें से 4 तो वर्दी पहनकर पहुंचे थे। इनमें रमेश लेकामी, भीमा कोवासी और पोरिये गोटा जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं कांकेर जिले में भी 23 लाख के 4 इनामी नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। इनमें काजल उर्फ रजीता और मंजूला जैसी महिला नक्सली शामिल हैं।


जेब में 50 हजार और हाथों में तिरंगा

सरेंडर करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तुरंत 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। बस्तर में पिछले दो साल के भीतर 2380 से ज्यादा नक्सली बंदूक छोड़ चुके हैं। साफ है कि अब अंदरूनी गांवों के लड़के माओवादियों की खोखली विचारधारा को समझ चुके हैं और विकास की राह पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

Related News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *