पटना। बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के समापन के पश्चात मुख्यमंत्री सीधे सचिवालय पहुंचे और विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने राज्य के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें शासन की प्राथमिकताओं और लंबित योजनाओं की समीक्षा की गई।
तय समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभिन्न विभागों के बड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य जनता से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग अपनी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें।
आम जनता को न हो परेशानी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और कानून व्यवस्था जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी सेवाओं को इस तरह सरल बनाया जाए कि आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें। संबंधित अधिकारी और कर्मचारी लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनें और उनका तत्काल निराकरण करें।
डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को राज्य के विकास को गति देने के लिए नई योजनाओं के प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।