Central Public Sector Employee Allowance: केंद्र सरकार के अंतर्गत काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कर दी है। यह नया नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू माना जाएगा। सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों की हर महीने मिलने वाली सैलरी में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिलेगा।
अलग-अलग पे स्केल के हिसाब से तय हुआ भत्ता
सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बढ़ोतरी वर्ष 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों पर लागू होगी। वर्ष 2017 के वेतनमान वाले कर्मचारियों का भत्ता अब मूल वेतन का 55.70 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा 2007 के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए यह भत्ता बढ़कर 241.70 प्रतिशत और 1997 के वेतनमान वालों के लिए 476.90 प्रतिशत तय किया गया है। सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ने से लाखों लोगों की जेब मजबूत होगी।
उदाहरण से समझिए कितना होगा फायदा
इस नए भत्ते की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर की गई है। उदाहरण के तौर पर अगर 2017 के वेतनमान वाले किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50000 रुपये है, तो उसे भत्ते के रूप में 27850 रुपये मिलेंगे। इसी तरह 1987 के वेतनमान पर काम करने वाले कर्मचारियों को 18298 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। पुराना वेतनमान पाने वाले कर्मचारियों को भी उनकी तय दरों के हिसाब से लाभ दिया जाएगा।
विभागों को दिए गए तुरंत आदेश
सरकार ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक मंत्रालयों और विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी विभागों से कहा गया है कि वे अपने अंतर्गत आने वाली सरकारी कंपनियों को नई दरों की जानकारी तुरंत दें। सरकार के इस कदम से ऊर्जा, निर्माण और वित्तीय क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।