जगदलपुर (बस्तर): छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित केंद्रीय जेल परिसर में एक अनोखी और अनूठी शादी का मामला सामने आया है। कभी जिस युवती के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने युवक को बलात्कार (IPC 376) के मामले में सलाखों के पीछे भेज दिया था, अब उसी युवक से युवती ने न्यायालय के निर्देश पर जेल के भीतर ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे ले लिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस्तर जिले के राजूर गांव के निवासी सुरेश सेठिया और मनमती कश्यप के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जातियों से होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। पारिवारिक विरोध इतना बढ़ा कि लड़की के परिवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सलाखों के पीछे भी नहीं टूटा विश्वास
युवक के जेल जाने के बाद भी युवती ने हार नहीं मानी। उसने अदालत का रुख करते हुए साफ किया कि वह किसी दबाव में नहीं है और अपनी मर्जी से सुरेश से प्रेम करती है तथा उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। युवती के इस दृढ़ रुख और सहमति वाले बयानों को गंभीरता से लेते हुए माननीय न्यायालय ने दोनों को विवाह की अनुमति प्रदान की।
जेल बना विवाह मंडप, अधिकारियों की मौजूदगी में हुए फेरे
कोर्ट का आदेश मिलते ही जगदलपुर केंद्रीय जेल प्रशासन ने परिसर में विवाह समारोह की विशेष तैयारियां कीं। परिसर के भीतर ही मंडप सजाया गया, जहाँ सभी कानूनी और धार्मिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए दोनों परिणय सूत्र में बंध गए।
जगदलपुर केंद्रीय जेल के इतिहास में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जहाँ इस प्रकार विवाह संपन्न कराया गया। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह घटना न्याय व्यवस्था के संवेदनशील और मानवीय पहलू का एक उदाहरण है। फिलहाल यह अनोखी प्रेम कहानी और जेल में हुई शादी पूरे बस्तर अंचल में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।