रायपुर। राजधानी में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न हो पाने पर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अरुण सिंह ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आरजेडी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि इन दलों ने हमेशा महिलाओं के हितों की उपेक्षा की है और संसद में बिल रुकने पर खुशियां मनाकर देश की आधी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कांग्रेस को चालबाज बताते हुए चेतावनी दी कि महिलाओं के अधिकारों के साथ की गई इस गद्दारी का खामियाजा उन्हें आगामी समय में जरूर भुगतना पड़ेगा।
70 करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात: मुख्यमंत्री साय ने इंडी गठबंधन को घेरा, कहा- हम हक दिलाकर रहेंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में नारी को शक्ति का अवतार माना जाता है, लेकिन कांग्रेस, टीएमसी और सपा जैसे दलों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जिस 17 अप्रैल को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाना था, उसे विपक्ष ने काला दिन बना दिया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाई जा रही महतारी वंदन योजना और उज्ज्वला योजना का हवाला देते हुए बताया कि भाजपा हमेशा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रही है, जबकि कांग्रेस केवल अंग्रेजों जैसी फूट डालो और राज करो वाली चालें चलती है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और कई महिला सांसदों की मौजूदगी में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि गृहमंत्री ने बेहद सरल भाषा में इस अधिनियम के लाभ समझाए थे, फिर भी विपक्ष ने इसे रोकने का पाप किया है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि भाजपा का संघर्ष जारी रहेगा और वे लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं को उनका 33 प्रतिशत हक दिलाकर ही दम लेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि देश की 70 करोड़ माताएं और बहनें इस धोखे को कभी नहीं भूलेंगी और आने वाले समय में इंडी गठबंधन का चेहरा पूरी तरह उजागर हो जाएगा।