रायपुर , भिलाई व दुर्ग से चलने वाली रात्रिकालीन बसें बस है या मालवाहक ट्रक

0 यात्री बसों के नाम पर खतरनाक ढंग से सामान लोड होता है 0
0 किनके संरक्षण में संचालित हो रही यह बसें0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= आम नागरिकों व यात्रियों को बेहतर , सुगम व आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराए जाने के नाम से परमिट लेने वाले यात्री बस संचालकों की मनमानी व किराए के नाम से अवैध वसूली की अनेक शिकायतें आती रहती है । संचालकों द्वारा रात्रिकालीन बसो में आरामदायक सुविधाओं के नाम से निर्धारित किराया भी अधिक लिया जाता है । रायपुर , भिलाई व दुर्ग से चलने वाली लंबी दूरी की वाहनों में न कोई सुविधाएं दी जाती है न ही आरामदायक यात्रा । इसके नाम से इन बसों को यात्रिवाहन के स्थान पर मालवाहक बस बना दिया गया है । इन बसों के संचालकों द्वारा यात्रियों को बैठाने की अपेक्षा व्यापारियों के माल रखने व ले जाने में अधिक विश्वास किया जाता है । बसों में केबिन के साथ साथ लगेज रखने के अनेक चैंबर निर्मित किया गया है जिसमें ठसाठस माल भरा होता है । इसके साथ ही बसों के पिछले सीटों में भी यात्रियों के बैठने के स्थानों पर माल भर दिया जाता है । इन रात्रिकालीन बसो में बस संचालकों द्वारा यात्रियों के स्थान पर सामानों को इसलिए अधिक महत्व दिया जाता है कि यात्री किराया से अधिक इन्हें सामानों को लगेज के किराया के रूप में अधिक मिलता है । इन बसों में लगभग एक ट्रक जितना सामान भरा होता है । अत्यधिक भार व ऊपर तक सामानों के भरे होने की वजह से इन बसों को अचानक दुर्घटनाग्रस्त होते देखा भी गया है । इन रात्रिकालीन बसो में व्यापार से संबंधित सामानों की अत्यधिकता के कारण संभव है कि इससे जीएसटी , आयकर व विक्रयकर की चोरी की भी संभावना अधिक दिखाई देती है । इससे राज्य शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है ।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग , भिलाई व रायपुर से प्रतिदिन 20 से अधिक लक्जरी बसें झारखंड के रांची , जमशेदपुर , धनबाद , ओडिशा के पुरी, राउरकेला , ब्रम्हपुर ,कटक व भुवनेश्वर आदि मार्गो पर चलती है । वहीं रायपुर से संबलपुर , राउरकेला के लिए अलग से यात्री बस संचालित होती है । जिनमें लक्ष्मी ट्रेवल्स , बंटी , महापात्र , महाराजा आदि बसों को संभवतः माल ढोने के लिए ही चलाई जा रही है ।वर्तमान में दुर्ग , भिलाई व रायपुर से प्रतिदिन शिवनाथ , डॉल्फिन , ग्रांड , मुस्कान , राजहंस , राधेकृष्ण , आशीर्वाद ,सिल्की , कुणाल व बंटी ट्रेवल्स के नाम से अनेक यात्री बसे रात्रिकालीन बस सेवाओं के नाम से संचालित है जो सीधे रांची , जमशेदपुर , धनबाद , पुरी ,राउरकेला ब्रम्हपुर, कटक, भुवनेश्वर आदि नगरों के लिए संचालित है । इन यात्री बसों में क्षमता से अधिक लगेज भरकर खतरों के बीच सुविधाएं दी जा रही है । अत्यधिक लगेजो की वजहों से इनमें से कुछ बसे पूर्व में दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुकी है ।
रायपुर व भिलाई में इन राज्यों के अनेक लोग शासकीय व निजी कंपनियों में कार्यरत हैं इन्हें आने जाने की काफी सुविधाएं इन बसों से मिलती है । समय व धन की भी बचत होती है तो वहीं इन राज्यों के बीच सीधा व सुलभ व्यापार को देखते हुवे इन बसों से व्यापारियों का समान भी सभी व्यापारियों को सुबह सुबह मिल जाने से ग्राहकों को समय पर वस्तुए मिल जाती है । इन्हीं सब कारणों को देखते हुवे इन राज्यों से चलनी वाली बस संचालकों को सवारियों के साथ साथ व्यापारिक लगेज भी भारी मात्रा में मिल जाता है जिसकी वजह से इन बसों में बसना व सरायपाली के यात्रियों को नहीं बैठाया जाता है जिससे इस क्षेत्र के यात्री रात्रिकालीन बसो की सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं ।
वर्तमान में दुर्ग , भिलाई व रायपुर से इन बसों में खुलेआम नियम विरुद्ध भारी मात्रा में ओव्हर लोड लगेज ले जाने पर कैसे संबंधित नगर के पुलिस , यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की नजर क्यों नहीं पड़ रही है या सब सेटिंग से चल रहा है । प्रतिदिन 20 से अधिक बसों में खुले आम ओव्हर लोड सामानों को जाते देखा जा रहा है इन्हें रोकने व नियंत्रित किए जाने की जिम्मेदारी जिनकी है वे क्या कर रहे है वे कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे। वहीं प्रतिदिन करोड़ों रुपयों का व्यवसायिक समान इन बसों के माध्यम से प्रदेश के अन्य राज्यों में जा रहा है इससे होने वाले राजस्व लाभ छत्तीसगढ़ शासन को हो रहा है या नहीं ? कही कर व जीएसटी की चोरी कर राज्य के राजस्व को नुकसान तो मिलीभगत कर नहीं पहुंचाया जा रहा है ।
राज्य के राजस्व , पुलिस , परिवहन , खाद्य , जीएसटी , आयकर व विक्रयकर विभाग को चाहिए कि वे इन रात्रिकालीन बसो में प्रतिदिन जा रहे लगेजो की ईमानदारी पूर्वक जांच करे व साथ ही सुरक्षित व बेहतर यात्री सुविधा को देखते हुवे इन बसों में ओव्हर लोड लगेजो को ले जाने से रोका जाए व इनकी जाँच भी किए जाने की आवश्यकता है ।
हालाकि सरायपाली के खम्हारपाली स्थित परिवहन जांच चौकी में परिवहन अधिकारी बिष्णु ठाकुर द्वारा पिछले कुछ दिनों से रात्रिकालीन बसो की जांच की जा रही है वो उन्हें जुर्माना भी लगाया जा रहा है इसके साथ ही इन बस संचालकों को सुरक्षित यातायात की समझाइश व चेतावनी दोनों दिया जा रहा है ।अभी तक 15 बसों से 2 लाख रुपए का समन शुल्क वसूला गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *