खैरागढ़। कबीरधाम नगर पालिका में पदस्थ रहे तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) नरेश वर्मा के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोपों में विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। शासन को लाखों रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाने के मामले में संलिप्त पाए जाने पर उन्हें पहले ही निलंबित कर संयुक्त संचालक कार्यालय दुर्ग में संबद्ध किया जा चुका है।
राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) द्वारा जून 2025 में की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत दवा खरीदी, वितरण और भुगतान प्रक्रिया में भारी लापरवाही बरती गई। इस अनियमितता के कारण शासन को 20 लाख 80 हजार 380 रुपए का नुकसान हुआ, जिसकी वसूली के लिए वर्मा के नाम पत्र भी जारी किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने विशेषज्ञ टीम से विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) की संचालन एजेंसी पर नियमानुसार जुर्माना नहीं लगाया गया, जिससे शासन को लगभग 25 लाख 91 हजार 500 रुपए की अतिरिक्त हानि हुई।
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में नरेश वर्मा को इन अधिक भुगतानों के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की अनुशंसा की थी। विभाग ने समिति के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 24 फरवरी को कवर्धा नगर पालिका के वर्तमान सीएमओ को आदेश जारी किया है कि वे नरेश वर्मा के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कराएं।