रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए साय सरकार का तीसरा बजट पेश किया। इस बार के बजट का कुल आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये रखा गया है। बजट की मुख्य थीम संकल्प (SANKALP) रखी गई है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर वर्ग और अंचल का समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। बजट भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेज थपथपाकर वित्त मंत्री का उत्साहवर्धन किया।
वित्त मंत्री ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के विजन 2047 को ध्यान में रखकर काम कर रही है। बजट की थीम संकल्प का अर्थ समावेशी विकास, अधोसंरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, लाइवलीहुड और परिणाम से है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह बजट प्रदेश के 3 करोड़ लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा। वित्त मंत्री ने अपने कलेक्टर रहने के अनुभव को साझा करते हुए दंतेवाड़ा और बस्तर के विकास की प्राथमिकता को रेखांकित किया।
बस्तर संभाग के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित 31 मार्च तक नक्सलवाद से मुक्ति के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब बस्तर विकास के मॉडल की ओर लौट रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि वहां के युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। इसके अलावा, राज्य में संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए 500 नए मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया गया है।
सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मैनपाट में धार्मिक पर्यटन हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सुगम परिवहन के लिए मुख्यमंत्री बस योजना के तहत 70 नई बसें शुरू की जाएंगी, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का ध्येय दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा में शामिल कर कंधे से कंधा मिलाकर चलने के काबिल बनाना है।