बालोद। जिले के मालीघोरी क्षेत्र में पिछले महीने हुई धान चोरी की बड़ी वारदात की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। ट्रक की किस्त नहीं चुका पाने के दबाव में एक ट्रक मालिक ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर धान से भरे ट्रक की चोरी की थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का धान और घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद कर लिए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 16 जनवरी को ग्राम मालीघोरी के धर्मकांटा के पास से अज्ञात चोरों ने धान से लदा एक ट्रक चोरी कर लिया था। आरोपियों ने ट्रक को दमकसा बड़भूम के पास ले जाकर छोड़ दिया, लेकिन उसमें रखे 900 कट्टों में से 280 कट्टा शासकीय धान अपने निजी ट्रक में शिफ्ट कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी नेतराम देवांगन ने अपना गुनाह कबूल किया। उसने बताया कि उसके पास दो ट्रक हैं, जिनकी किस्त न चुका पाने के कारण फाइनेंस कंपनी उसे परेशान कर रही थी। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने तीन दिनों तक क्षेत्र की रेकी की और मौका पाकर चाबी लगे हुए ट्रक को पार कर दिया।
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने ट्रक का जीपीएस सिस्टम तोड़ दिया था। साथ ही शासकीय धान की पहचान छिपाने के लिए सरकारी बारदानों को बदलकर धान को सामान्य बोरों में भर दिया और उसे अपने ससुराल में छिपा दिया था। पुलिस ने इस मामले में नेतराम देवांगन, काशीराम देवांगन, तरुण उर्वसा और धर्मेंद्र धनकर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 179 कट्टा धान और वारदात में उपयोग किया गया ट्रक जब्त किया गया है। इस कार्रवाई में साइबर सेल और स्थानीय पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।