बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी की अवधि दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे जिले के 550 किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। इन किसानों में से अधिकांश वे थे जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन भी हो चुका था, लेकिन धान खरीदी का नंबर नहीं लग सका था। बढ़ाई गई दो तिथियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने का अनुमान है।
सरकार द्वारा दी गई दो अतिरिक्त तिथियों 6 और 7 फरवरी को अब जिले के 550 किसान अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। इन किसानों में से 414 ने पहले ही टोकन प्राप्त किया था और उनका भौतिक सत्यापन भी हो चुका था, लेकिन निर्धारित अवधि में धान नहीं बेच सके। इसके अलावा, 136 किसानों ने धान बेचने के लिए टोकन कटवाने की रिक्वेस्ट डाली थी। इस प्रकार, इन सभी किसानों से अब धान खरीदी की जाएगी और अनुमानित तौर पर 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होनी है।
समयसीमा में नहीं हुई कोई बढ़ोतरी
हालांकि सरकार ने धान खरीदी के लिए दो दिन का विस्तार किया है, लेकिन किसानों के अनुसार समयसीमा में कोई वास्तविक बढ़ोतरी नहीं हुई है। किसान बताते हैं कि धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर को हुई थी, जो कि शनिवार था, जिससे उस दिन खरीदी नहीं हो सकी। इसी तरह, धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी भी शनिवार को आई, जिसके कारण उस दिन भी खरीदी नहीं हो पाई। इस प्रकार, जिन दो दिनों में अवकाश के कारण खरीदी नहीं हो सकी थी, उन्हीं दो दिनों को अब किसानों को धान विक्रय के लिए दिया गया है। इस मामले में किसान इसे केवल एक समायोजन मानते हैं, न कि समयसीमा में वास्तविक बढ़ोतरी।