भोपाल : मध्य प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के तहत इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को इसकी जानकारी दी है। अभिषेक तिवारी पिछले दो वर्षों से दिल्ली में नेशनल टेक्नोलॉजी रिसर्च आर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे।
अभिषेक तिवारी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। पुलिस के कई अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निजी कार्यों के कारण अधिकारी ने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। इस्तीफा मंजूर होने के बाद अभिषेक तिवारी कोई नया कार्यभार संभालेंगे। हालांकि इस्तीफे के सटीक कारणों पर अभी भी चर्चा जारी है।
अभिषेक तिवारी मध्य प्रदेश में बेहतर कार्य के लिए दो बार राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित हो चुके हैं। इसके अलावा विशेष कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा भी कई बार पुरस्कृत किए गए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश के बालाघाट और सागर जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दी हैं।
सागर जिले में वर्ष 2023 में हुई एक दुखद घटना के बाद उन्हें हटाया गया था। उस दौरान बारिश में दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में सरकार ने तत्काल प्रभाव से अभिषेक तिवारी को पुलिस अधीक्षक पद से हटा दिया था। इसके बाद वे प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली चले गए थे।
अभिषेक तिवारी का इस्तीफा अभी पूरी तरह मंजूर होना बाकी है। विभागीय प्रक्रिया के तहत पुलिस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग को केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्वीकृति लेनी होगी। इसके अलावा मध्य प्रदेश गृह विभाग भी वीआरएस को मंजूरी देने पर अंतिम फैसला लेगा।