भानुप्रतापपुर: धान खरीदी शुरू, लेकिन उठाव नहीं होने से केंद्रों में भंडारण संकट

भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो चुकी है, जो 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। हालांकि समय पर धान उठाव नहीं होने से खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है तथा समाजों को धान सूखने का नुकसान उठाने की आशंका सता रही है।

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति संबलपुर के प्रबंधक आत्माराम कल्लो ने बताया कि उनके केंद्र के अंतर्गत 17 ग्राम आते हैं, जहां 2048 किसानों की कुल कृषि भूमि 4238 हेक्टेयर है। इस वर्ष खरीदी लक्ष्य निर्धारित नहीं है। गत वर्ष 94475.60 क्विंटल धान खरीदा गया था। इस वर्ष 31 दिसंबर तक 811 किसानों से 44932.40 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। अभी एक माह शेष होने से खरीदी बढ़ने की संभावना है तथा दैनिक लिमिट बढ़ाने की मांग की गई है। केंद्र पर प्रतिदिन 40-42 किसानों का धान तौला जा रहा है।

उठाव की स्थिति चिंताजनक है। अब तक मात्र 1120 क्विंटल धान का उठाव हुआ है, जबकि 43812.40 क्विंटल उठाव बाकी है। शासन के नियमों के अनुसार खरीदी के 72 घंटे के भीतर धान उठाव अनिवार्य है, लेकिन कई दिनों तक उठाव नहीं होने से भंडारण स्थान की कमी हो रही है। इससे धान सूखने की समस्या उत्पन्न हो रही है तथा समाज को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा मिलर्स एवं हम्मालों के बीच भाड़े को लेकर विवाद है। पिछले वर्ष भाड़ा 275 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 285 रुपये किया गया है, लेकिन हम्माल 325 रुपये की मांग कर रहे हैं, जिससे उठाव प्रक्रिया और बाधित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *