Wakf Amendment Bill
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा भी शुरू हो गई है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजु ने इसे पेश किया और और उन्होने कांग्रेस पर जमकर आरोप भी लगाया.
किरेन रिजिजू ने कहा – वक्फ बिल पर सभी पक्षों की राय ली गई, 97 लाख सुझावों पर विचार हुआ. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि इस बिल को लाने से पहले सभी हितधारकों की राय ली गई थी. 25 राज्यों के वक्फ बोर्ड ने भी अपने सुझाव दिए, जिन्हें गंभीरता से शामिल किया गया.
रिजिजू ने याद दिलाया कि 1954 में आजाद भारत में पहली बार वक्फ बोर्ड एक्ट लाया गया था, जिसमें राज्य वक्फ बोर्ड के गठन का प्रावधान था. तब से इस कानून में कई बार संशोधन हुए, खासकर 1995 में एक बड़ा बदलाव किया गया था। उन्होंने कहा, “तब किसी ने यह नहीं कहा कि यह असंवैधानिक है.आज ऐसे दावे क्यों किए जा रहे हैं? अगर लोग सच्चे मन से सोचें, तो जनता को गुमराह नहीं करेंगे।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके द्वारा रखे गए सभी तथ्य पूरी तरह प्रामाणिक हैं और उन्होंने कोई भी बात अपने मन से नहीं कही. इस बिल को लेकर संसद में जारी बहस के बीच सरकार का यह बयान स्पष्ट करता है कि वह इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने का प्रयास कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए उन पर तंज कसा क्या कहा आप भी सुनिए: