बैंक खाते, एटीएम और इंटरनेट बैंकिंग उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की कर रहे थे मदद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई
रमेश गुप्ता
भिलाई। साइबर ठगी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भिलाई नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध में प्रयुक्त 26 म्यूल (लेयर-1) बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। मामले में साइबर ठगी के मास्टरमाइंड और अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।
पंजाब नेशनल बैंक के खातों की जांच से खुला मामला
एडिशनल एसपी एवं पुलिस प्रवक्ता मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवा (साइबर) के निर्देश पर थाना भिलाई नगर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत 21 अप्रैल 2026 से थाना क्षेत्र अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक के उन खातों की जांच शुरू की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों में किया गया था।
जांच में सामने आया कि इन संदिग्ध खातों में साइबर ठगी से प्राप्त राशि सबसे पहले जमा की जाती थी। इस कारण इन्हें लेयर-1 (म्यूल अकाउंट) की श्रेणी में रखा गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित करने और नकद निकासी किए जाने के प्रमाण मिले।
बैंक खाते और डिजिटल सुविधाएं अपराधियों को कराते थे उपलब्ध
जांच में यह भी पाया गया कि खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराई थीं। इनका उपयोग ठगी से प्राप्त धनराशि को छिपाने, दूसरे खातों में भेजने तथा अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए किया जा रहा था।
26 आरोपियों पर अपराध दर्ज, न्यायालय में पेश
थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि जांच के आधार पर आरोपी शंकर चौधरी, उम्र 50 वर्ष, निवासी संत रविदास नगर, वार्ड-37, पावर हाउस, थाना छावनी . कार्तिये साहू, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेक्टर-06, सड़क-18, ब्लॉक-1/सी, रूपेश कुमार देवांगन, उम्र 20 वर्ष, निवासी सेक्टर-04, डब्ल्यूएमआर रूम नं. 02, ब्लॉक-02, भिलाई ,अनील कुमार शर्मा, उम्र 58 वर्ष, निवासी एचआईजी-756, न्यू हाउसिंग बोर्ड, थाना जामुल , कमल दास मानिकपुरी, उम्र 33 वर्ष, निवासी शारदा पारा, कैम्प-02, छावनी,
पुरुषोत्तम भारती, उम्र 25 वर्ष, निवासी लक्ष्मी नगर, दुर्गा पारा, थाना सुपेला, राकेश कुमार निर्मलकर, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम बोरी, झलमला पारा, थाना रानीतराई, . राहुल मेश्राम, उम्र 25 वर्ष, निवासी नेहरू नगर, वार्ड-05, थाना सुपेला, हिमांशु यादव, उम्र 23 वर्ष, निवासी वार्ड-33, गोवर्धन चौक, थाना नेवई, अरविंद पासवान, उम्र 20 वर्ष, निवासी कैलाश नगर, संतोषी मंदिर के पास, थाना मोहन नगर, आदित्य कुमार वर्मा, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोहका, बजरंग पारा, चौकी स्मृति नगर, थाना सुपेला, शैलेन्द्र विश्वकर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी गंजपारा, वार्ड-37, थाना दुर्ग,
मोह. कमाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी सुपेला पांच रास्ता, पटेल होटल के पास, थाना सुपेला, महेन्द्र कुमार साहू, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम डुमरडीह, वार्ड-02, थाना उतई,
दुर्गा प्रसाद ठाकुर, उम्र 27 वर्ष, निवासी इन्द्रा नगर, उतई, थाना उतई, सचिन मेश्राम, उम्र 44 वर्ष, निवासी बाम्बे आवास, उरला, थाना मोहन नगर,नारायण देवांगन, उम्र 27 वर्ष, निवासी मीनाक्षी नगर, बोरसी रोड, थाना पद्मनाभपुर, आशुतोष मिश्रा, उम्र 24 वर्ष, निवासी सर्कुलर मार्केट, कैम्प-02, छावनी,अभिषेक कुमार वर्मा, उम्र 25 वर्ष, निवासी शारदा पारा, गांधी चौक, कैम्प-02, थाना छावनी, जितेन्द्र हरिश कुमार, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेक्टर-11, जोन-02, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, प्रभावति हरिजन, उम्र 50 वर्ष, निवासी मिलन चौक, वार्ड-32, छावनी, गीता लाजेवार, उम्र 45 वर्ष, निवासी पंजाबी मोहल्ला, खुर्सीपार, थाना खुर्सीपार, सतविन्दर कौर, उम्र 30 वर्ष, निवासी एलआईजी-742, सांई मंदिर के पास, ढांचा भवन, थाना जामुल, श्रुति वर्मा, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम मेहकाखुर्द, तहसील पाटन, थाना उतई,
प्रेम शीला चौधरी, उम्र 27 वर्ष, निवासी कबीर मंदिर के पास, वार्ड-46, खुर्सीपार, अंकिता बंजारे, उम्र 22 वर्ष, निवासी शंकर नगर, उदय स्कूल के पास, वार्ड-41, छावनी निवासी के विरुद्ध थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 388/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3), 318(4) एवं 3(5) के तहत सभी 26 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। मामले में डिजिटल और बैंकिंग साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत विवेचना जारी है तथा साइबर ठगी के मुख्य सरगनाओं की तलाश की जा रही है।
इस तरह करते थे साइबर अपराध में मदद
पुलिस के अनुसार आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि प्राप्त करने, उसे अन्य खातों में स्थानांतरित करने और नकद निकासी के लिए किया जाता था। इस प्रकार आरोपी साइबर अपराधियों के लिए मनी ट्रेल छिपाने और अवैध लेनदेन को आसान बनाने का काम कर रहे थे।
बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान संबंधित बैंक खातों का विवरण, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, बैंकिंग एवं डिजिटल दस्तावेज तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। इनकी जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
साइबर टीम की रही अहम भूमिका
पूरे अभियान में थाना भिलाई नगर पुलिस की साइबर टीम, विवेचना अधिकारियों और थाना स्टाफ ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग अभिलेखों की जांच, खाताधारकों की पहचान तथा गिरफ्तारी की कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।