Science On Wheels Gariaband : गरियाबंद। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, विज्ञान को प्रयोगात्मक रूप से समझाने और डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय अभियान “साइंस ऑन व्हील्स” की मंगलवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गरियाबंद से शुरुआत हुई। जिले के कुल 19 स्कूलों में आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला विद्यार्थियों तक पहुंचेगी और उन्हें विज्ञान, अंतरिक्ष तकनीक, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, पर्यावरण संरक्षण तथा नई तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का युग है। आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, सुरक्षा और संचार सहित हर क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई तकनीकों को समझकर उनका सकारात्मक उपयोग करना सीखना चाहिए। उन्होंने छात्राओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, जिज्ञासु बनने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
रायपुर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की टीम के प्रेम प्रकाश, विवेक वैध एवं आशुतोष शुक्ला ने मोबाइल विज्ञान प्रयोगशाला के माध्यम से छात्राओं को विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, आधुनिक उपकरणों और प्रयोगों का प्रदर्शन कर विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाया। छात्राओं ने स्पेस टेक्नोलॉजी, उपग्रहों की कार्यप्रणाली, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि विज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन की समस्याओं के समाधान और समाज के विकास में किस प्रकार किया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रयोगों में भाग लिया और वैज्ञानिकों की कार्यशैली तथा आधुनिक तकनीकों से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साइबर सुरक्षा जागरूकता भी रहा। डीएसपी लितेश सिंह ने छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनजान मोबाइल कॉल, फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध लिंक, ओटीपी साझा करने, बैंक खाते की गोपनीय जानकारी देने और सोशल मीडिया पर अजनबियों पर भरोसा करने जैसी छोटी-छोटी गलतियां बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करें और अपने माता-पिता, भाई-बहनों तथा परिवार के अन्य सदस्यों को भी साइबर ठगी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करें। जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि विज्ञान और तकनीक का उपयोग केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, अंतरिक्ष अनुसंधान, रक्षा, संचार और दैनिक जीवन के लगभग हर क्षेत्र में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। वैज्ञानिक सोच विकसित कर विद्यार्थी भविष्य में नई खोजों और नवाचारों के माध्यम से देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विद्यालय परिवार ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुरक्षा के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, नवाचार और आत्मविश्वास का विकास होता है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण सिंह उइके, डीएसपी निशा सिन्हा, एसआई श्रद्धा कर्ष, यातायात प्रभारी रामाधार मरकाम, धीरेंद्र पटेल, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। आगामी दिनों में “साइंस ऑन व्हील्स” अभियान जिले के अन्य 18 स्कूलों में भी आयोजित किया जाएगा, जहां हजारों विद्यार्थियों को विज्ञान और साइबर सुरक्षा से संबंधित व्यवहारिक जानकारी दी जाएगी।