होलसेल और रिटेल काउंटर में तालाबंदी की नौबत, सतर्क हैं स्टॉकिस्ट
राजकुमार मल
भाटापारा- असमंजस में है ओल्ड जूट बैग मार्केट। सतर्क खरीदी स्टॉकिस्टों की क्योंकि खुदरा बाजार खरीदी तो दूर, पूछ- परख तक से दूरी बनाए हुए हैं।
कमजोर मानसून और कमजोर बारिश का असर अब ओल्ड जूट बैग मार्केट पर भी देखा जाने लगा है। उपभोक्ता मांग में आ चुकी गिरावट के बाद प्रति बारदाना जो कीमत बोली जा रही है, उसे अब तक का सबसे न्यूनतम कीमत माना जा रहा है।
अब आधी कीमत पर
ओल्ड जूट बैग 20 से 22 रुपए की जगह 10 से 20 रुपए प्रति नग पर आ गया है, तो रफू किया हुआ बारदाना में प्रति नग कीमत 12 से 14 रुपए बोली जा रही है। अलबत्ता 5 से 10 रुपए प्रति नग जैसी कीमत पर मजबूत है प्लास्टिक बैग लेकिन तेजी की धारणा इसमें इसलिए नहीं है क्योंकि उपभोक्ता क्षेत्र सीमित है। मांग इसमें भी कमजोर मानी जा रही है।

डिमांड बाहर की भी नहीं
ओल्ड जूट बैग की खरीदी करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र प्रमुख माने जाते हैं। इन दोनों की भी डिमांड नहीं के बराबर है। अंतरजिला खरीदी पर पहली बार ब्रेक जैसी स्थिति बन चुकी है। इसलिए पूरा ध्यान स्थानीय बाजार की ओर है लेकिन खरीदी तो दूर कीमत को लेकर पूछ-परख तक नहीं है। इसलिए पहली बार ग्रामीण क्षेत्र के बाजार की खोज कर रहा है ओल्ड जूट मार्केट।

सतर्क हैं स्टॉकिस्ट
अंतरप्रांतीय, अंतरजिला और लोकल मार्केट की स्थिति को देखकर अब ओल्ड जूट बैग के स्टॉकिस्ट 3 माह बाद आने वाले खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे हैं। सतर्क इसलिए क्योंकि दक्षिण पश्चिम मानसून की सक्रियता संदेह में है। इसलिए संभावित मांग के मध्य नजर ही भंडारण कर रहे हैं स्टॉकिस्ट। ऐसा इसलिए क्योंकि यह क्षेत्र भी अब प्रतिस्पर्धी हो चुका है।