बेमेतरा, 17 जुलाई 2026
बेमेतरा जिले के थाना चंदनू और सायबर सेल पुलिस की संयुक्त टीम को एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में बड़ी सफलता मिली है। सोनपुरी गांव में हुई एक महिला की जघन्य हत्या के मामले में पुलिस ने गांव के ही शातिर कातिल को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने पुरानी रंजिश और गलत नीयत का विरोध करने पर महिला की बेरहमी से हत्या की थी। इस बेहद संवेदनशील और पेचीदा मामले में आरोपी की तलाश के लिए पुलिस को आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन कैमरे, नाव और सर्च लाइट का सहारा लेना पड़ा।
गुमशुदगी की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच और नदी किनारे मिले शव के टुकड़े
इस खौफनाक मामले की शुरुआत सात जुलाई को हुई, जब सोनपुरी निवासी बावन वर्षीय दुकलहिन बाई अपने घर से बिना बताए कहीं चली गईं। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो उनके बेटे गोवर्धन बंजारे ने थाना चंदनू में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। नौ जुलाई की दोपहर जब बेटा अपनी मां की तलाश में अमरैया नाला शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचा, तो उसे पानी में एक गुलाबी रंग की साड़ी में बंधी हुई गठरी तैरती दिखी। पास ही एक और गठरी कंबल और बेडशीट में लिपटी पड़ी थी। जब इन गठरियों को खोला गया, तो उसमें दुकलहिन बाई का सिर से कमर तक का हिस्सा और दोनों हाथ-पैर कटे हुए सड़ी-गली हालत में मिले। अज्ञात हत्यारे ने धारदार हथियार से शव के टुकड़े कर नदी में फेंक दिए थे। इस दिल दहला देने वाली वारदात की सूचना पर पुलिस ने तुरंत धारा 103(1) और 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
बड़े पुलिस अधिकारियों की निगरानी में बनी टीमें, आधुनिक तकनीकों का हुआ इस्तेमाल
वारदात की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य और बेमेतरा एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव और एसडीओपी भूषण एक्का के नेतृत्व में गठित तीन अलग-अलग टीमों ने मौके पर मोर्चा संभाला। जांच को वैज्ञानिक दिशा देने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। दुर्गम इलाका और नदी क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने साक्ष्य जुटाने और आरोपी की घेराबंदी करने के लिए ड्रोन कैमरों से हवाई निगरानी की, जबकि नदी में नाव और रात के समय सर्च लाइट चलाकर लगातार तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस के इस भारी दबाव के कारण आरोपी चाहकर भी गांव से भाग नहीं सका।
दुष्कर्म का विरोध करने पर फावड़े से उतारा मौत के घाट, फिर शव के साथ की दरिंदगी
विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने गांव के ही एक संदेही रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने जो गुनाह कबूला, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। आरोपी ने बताया कि मृतिका के पति के साथ उसका पुराना विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह रंजिश रखता था। छह जुलाई की रात जब मृतिका घर में अकेली थी, तब आरोपी उसके घर में घुस गया और गलत काम करने की कोशिश की। महिला द्वारा कड़ा विरोध करने पर आरोपी ने पास रखे लकड़ी के हैंडल वाले फावड़े से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। दरिंदगी की हदें पार करते हुए आरोपी ने शव के साथ भी गलत काम किया और फिर अपराध छिपाने के लिए घर में रखी आरी से मृतिका के दोनों हाथ और पैर काट दिए। उसने धड़ और सिर को अलग तथा हाथ-पैर को अलग गठरी में बांधकर पहले अपनी झोपड़ी में छिपाया और अगले दिन रात के अंधेरे में उन्हें शिवनाथ नदी में फेंक दिया। आरोपी ने मृतिका के घर से पच्चीस सौ रुपये भी चोरी किए थे, जिसमें से पांच सौ रुपये पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास और पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस ने आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई आरी, फावड़ा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी आदतन अपराधी है और साल 2017 में भी गांव की ही एक अन्य महिला की हत्या के मामले में कोर्ट से सजा पा चुका है। पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और साक्ष्य छुपाने से जुड़ी धाराएं जोड़ते हुए आरोपी को आज सत्रह जुलाई को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में सायबर सेल प्रभारी मयंक मिश्रा, थाना प्रभारी द्वारका प्रसाद देशहरे, उपनिरीक्षक योगेश अग्रवाल और उनकी पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।