उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार को स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। स्यानाचट्टी के पास अचानक भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गईं। इससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दर्जनों गाड़ियाँ बीच रास्ते में ही फंस गईं। वहां मौजूद यात्रियों की धड़कनें बढ़ गईं क्योंकि सड़क के दूसरी ओर जाना नामुमकिन लग रहा था।
एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की खबर मिलते ही बड़कोट और जानकीचट्टी से एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। मुख्य आरक्षी दुर्गेश रतूड़ी और राजेश कुमार के नेतृत्व में जवानों ने मोर्चा संभाला। जब सड़क पूरी तरह बंद थी, तो जवानों ने यात्रियों की जान बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने वैकल्पिक रास्ते पर सुरक्षा के लिए रोप यानी रस्सी फिक्स की। इसके बाद एक-एक करके करीब 100 श्रद्धालुओं को सावधानी के साथ सुरक्षित दूसरी तरफ निकाला गया।

यात्रियों के लिए प्रशासन की अपील
लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री मार्ग पर पहाड़ खिसकने और मलबा गिरने की घटनाएँ बढ़ रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। सफर शुरू करने से पहले मौसम और रास्ते की स्थिति की जानकारी जरूर लें। अगर मौसम खराब हो तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ही बेहतर है। सड़क खुलवाने का कार्य लगातार जारी है ताकि जल्द ही यातायात फिर से शुरू हो सके।