गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी जल्द ही अपनी नवजात जुड़वा बेटियों और पत्नी से मुलाकात करेगा। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने उसे मानवीय आधार पर राहत दी है। अदालत ने 1 जुलाई को उसे केवल चार घंटे की कस्टडी पैरोल दी है। इस दौरान वह भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अपने परिवार से मिल सकेगा।

आईवीएफ से हुआ बच्चियों का जन्म
काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ने मंगलवार सुबह दो जुड़वा बच्चियों को जन्म दिया। बच्चों का जन्म आईवीएफ तकनीक यानी टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया के जरिए हुआ है। इस विशेष मेडिकल प्रक्रिया के लिए अनुराधा ने पहले ही अदालत से मंजूरी ले ली थी।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक प्रसव के दौरान अनुराधा चौधरी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत सी-सेक्शन यानी बड़ा ऑपरेशन करने का फैसला किया। फिलहाल मां और दोनों नवजात बच्चियां अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में हैं और उनका इलाज चल रहा है।
कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद दी मंजूरी
अदालत ने जठेड़ी को राहत देने से पहले पूरी सावधानी बरती। रोहिणी कोर्ट ने सबसे पहले अस्पताल के दस्तावेज और मेडिकल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कराई। जब जुड़वा बच्चियों के जन्म और अनुराधा के बीमार होने की बात सच साबित हुई, तब जाकर कोर्ट ने मानवीय आधार पर यह फैसला सुनाया।
कड़ी सुरक्षा में होगी मुलाकात
अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी। काला जठेड़ी हर पल पुलिस के पहरे में रहेगा। तय समय खत्म होते ही उसे वापस जेल भेज दिया जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पैरोल का उसके चल रहे आपराधिक मुकदमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
अस्पताल का नाम रखा गया गुप्त
सुरक्षा कारणों और परिवार की निजता को देखते हुए अदालत ने सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन को आदेश दिया गया है कि जिस अस्पताल में बच्चे और मां भर्ती हैं, उसका नाम और पता गुप्त रखा जाए। काला जठेड़ी और अनुराधा की शादी पहले भी खूब सुर्खियों में रही थी, अब बेटियों के जन्म के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।