गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते यानी एटीएस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक बड़े नशा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। टीम ने अहमदाबाद के शाहीबाग इलाके में एक लग्जरी बस की तलाशी लेकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां बरामद की हैं। जब्त की गई ट्रामाडोल टैबलेट्स की संख्या दो लाख से ज्यादा है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 8 करोड़ 32 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से भागे मुख्य आरोपी परेश पारसमल जैन को राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार कर लिया है।

गुजरात से राजस्थान जा रही थी नशीली खेप
एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एक बस के जरिए नशे की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में एटीएस और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया। शाहीबाग पहुंची एमआर ट्रैवल्स की लग्जरी बस को रोककर जब उसकी जांच की गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। यह बस गुजरात के अंकलेश्वर से राजस्थान के पाली जा रही थी। बस के अंदर एक बड़े बॉक्स में छिपाकर रखे गए 416 छोटे डिब्बों से दो लाख आठ हजार प्रतिबंधित टैबलेट्स बरामद की गईं।
मई में ही सप्लाई कर चुका था 62 लाख गोलियां
दबोचे गए आरोपी परेश पारसमल जैन ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कुबूल किया है कि वह केवल मई के महीने में ही राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 62 लाख से अधिक ऐसी नशीली गोलियां पहुंचा चुका है। यह दवाएं दिमाग पर सीधा असर करती हैं और इन्हें बिना डॉक्टर के पर्चे या अनुमति के बेचना पूरी तरह गैरकानूनी है।
पहले भी कई राज्यों में रहा है सक्रिय
पकड़ा गया आरोपी परेश पुराना और शातिर नशा तस्कर है। इससे पहले वह उत्तराखंड और महाराष्ट्र में भी प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी करते हुए पकड़ा जा चुका है। इतना ही नहीं, पिछले महीने गुजरात के वापी में पकड़ी गई ढाई किलो मैफेड्रॉन ड्रग्स के मामले में भी उसका हाथ था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।