देर रात सीएम हाउस में : मानसून सत्र पर मंत्री कैसे देंगे जवाब, ओम बिड़ला ने दिए टिप्स
विभागीय रिपोर्ट भी मंत्रियों के भविष्य करेंगे तय, मानसून सत्र बाद बदलाव की संभावना
रायपुर। गुरुवार की देर रात सीएम हाउस में मंत्रियों की अचानक बैठक बुलाई गई। जिसे लेकर सियासी गलियारे में मंत्रियों के फेरबदल की अटकलें तेज हो गई। इन सबके बीच स्पष्ट किया गया, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला का दोपहर में सीएम विष्णुदेव साय और विस अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह और संगठन के कुछ बड़े नेताओं को भोज पर बुलाया गया था। इसके बाद ओम बिड़ला के साथ मंत्रियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी सूचना मिलते ही सभी मंत्री सीएम हाउस में पहुंचे, जहां देर रात करीब डेढ़ बजे तक बैठक चली।
सूत्रों के मुताबिक, आगामी एक जुलाई को छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसके मद्देनजर सभी मंत्रियों को ओम बिड़ला को टिप्स दिए, कैसे अपने-अपने विभागों की सत्र के दौरान पूछे जाने प्रश्नों की तैयारी बेहतर तरीके से करें। साथ ही प्रश्न के जवाब में मिले उत्तर की हकीकत खुद मौके पर जाकर देखें या मिली जानकारी के सत्यता की पुष्टि करें। क्योंकि अक्सर ये होता है कि समस्या का समाधान किस स्तर पर रूका हुआ है, उससे अपडेट होना जरूरी है। इन सारी चीजों के बीच संगठन के प्रमुख नेताओं ने अपने विभागीय कामकाज में पार्टी के पदाधिकारी और संबंधित जिलों के कार्यकर्ताओं से भी इनपुट लेना चाहिए। क्योंकि विभागीय अधिकारी अंधेरे में रख सकते हैं। ऐसे हालात से निपटने के लिए संगठन के इनपुट को संज्ञान में लेने की जरूरत है।
सीएम हाउस में देर रात तक चली बैठक का पूरा लब्बोलुआब यह था, सत्ता और संगठन को नजदीक लाना और दूसरी ओर विधानसभा सत्र के दौरान अपने या विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के सवालों के जवाब सही और प्रभावी तरीके से दिया जा सके। इसके पीछे बड़ी वजह है, विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री अपने ही पार्टी और विपक्षी विधायकों से घिर जाते हैं।
इधर अब इन चर्चाओं का बाजार गरम:
कई मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड से शीर्ष नेतृत्व खुश नहीं है। कइयों के विभागीय कामकाज सवालों के घेरे में है। इस आंकलन की शुरूआत भी विधानसभा सत्र के दौरान सवाल और जवाब से ही उनकी छवि बनी। कई बार ऐसे हालात भी बनते हैं, मंत्री प्रश्न में ही घिर जाते हैं। वैसे गुरूवार की देर रात सीएम हाउस में मंत्रियों की बैठक के बाद अब यह चर्चा हो रही है कि मानसून सत्र के बाद मंत्रियों में या उनके विभाग में बदलाव हो सकते हैं।