दो दिन से पोखरी में लाश, प्रशासन की तैयारी पानी में

सूरजपुर। बिश्रामपुर क्षेत्र की बंद खदान स्थित 5-6 नंबर पोखरी में अज्ञात शव मिलने की सूचना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, डीडीआरएफ और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन दो दिनों की लगातार मशक्कत के बाद भी शव को बाहर नहीं निकाला जा सका। यह सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन की विफलता नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोलने वाली घटना बन गई है।

गोताखोरों के मुताबिक शव पानी की ऊपरी सतह के करीब था, लेकिन उसे निकालने के प्रयास के दौरान वह और गहराई में चला गया। इसके बाद भी मौके पर ऐसे आधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जिनकी मदद से शव को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हालात इतने खराब रहे कि स्थानीय स्तर पर असहाय महसूस करने के बाद प्रशासन को सरगुजा से अतिरिक्त टीम बुलानी पड़ी, लेकिन वह भी बेनतीजा साबित हुई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन दो दिनों में एक शव तक नहीं निकाल पा रहा, तो किसी बड़े जल हादसे या आपदा की स्थिति में लोगों की जान कैसे बचाई जाएगी? करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि जरूरी संसाधनों के अभाव में पूरा तंत्र असहाय नजर आया। बिश्रामपुर की यह घटना प्रशासनिक तैयारियों, जवाबदेही और आपदा प्रबंधन की वास्तविक स्थिति पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *