रायपुर। छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की गई, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
सूत्रों के अनुसार ईडी की टीमों ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद और अंबिकापुर समेत कई स्थानों पर दबिश दी है। बताया जा रहा है कि प्रदेशभर में करीब नौ ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन, परियोजनाओं के आवंटन और DMF फंड के उपयोग से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
राजधानी रायपुर के वल्लभ नगर स्थित कारोबारी शाश्वत लुणावत के निवास पर भी ईडी की टीम पहुंची। सुबह से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई DMF फंड से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और संबंधित मामलों की जांच का हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार ईडी की टीम केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थानों के ठिकानों पर भी जांच जारी है। अधिकारियों ने कई दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की है, जिनसे आगे की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल ईडी की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए छापेमारी में क्या बरामद हुआ है और जांच का दायरा कितना व्यापक है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि एजेंसी की इस कार्रवाई को राज्य में चल रही बड़ी आर्थिक जांचों में से एक माना जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ DMF फंड के उपयोग और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के संबंध में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। अब सभी की नजर ईडी की अगली कार्रवाई और आधिकारिक खुलासों पर टिकी हुई है।