तेहरान/वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अब दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) के बिजनेस एम्पायर तक पहुंच गया है। ईरान ने एक बड़ा और सनसनीखेज बयान जारी करते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) और अरब देशों में एलन मस्क की जितनी भी कंपनियां और होल्डिंग्स हैं, वे अब सीधे तौर पर उसके निशाने पर हैं। ईरान की इस खुली धमकी के बाद मस्क की दिग्गज कंपनियों— टेस्ला (Tesla), स्पेसएक्स (SpaceX) और सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक (Starlink)— की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ गई हैं।
31 मार्च 2026 को दी थी पहली चेतावनी
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच जारी तनातनी के दौरान पहली बार 31 मार्च 2026 को ईरान ने अमेरिकी टेक कंपनियों को सीधे तौर पर निशाना बनाने की चेतावनी दी थी। ईरान का साफ आरोप था कि ये अमेरिकी कंपनियां अपनी एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से अमेरिकी सेना और सरकार को रणनीतिक फायदा पहुंचा रही हैं। अब इस कड़ी में सीधे एलन मस्क का नाम आने से खाड़ी देशों में व्यापारिक और तकनीकी युद्ध छिड़ने के आसार बन गए हैं।
आखिर एलन मस्क से क्यों भड़का है ईरान?
ईरान सरकार की इस भारी नाराजगी और गुस्से के पीछे सबसे बड़ी वजह एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी ‘स्टारलिंक’ (Starlink Terminal) बनी है। ईरान के द्वारा मस्क को टारगेट करने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- इंटरनेट ब्लॉक को बायपास करना: ईरान में जब भी सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शन होते हैं, तो वहां की सरकार कानून-व्यवस्था का हवाला देकर पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप कर देती है। लेकिन स्टारलिंक सैटेलाइट डिवाइसों की मदद से प्रदर्शनकारी सरकारी प्रतिबंधों को बायपास कर इंटरनेट का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे।
- डिवाइसों की अवैध तस्करी: ईरानी सरकार का आरोप है कि देश के भीतर बड़े पैमाने पर स्टारलिंक टर्मिनल्स की तस्करी की जा रही है, जिससे सरकार विरोधी गतिविधियों और एक्टिविस्टों को बढ़ावा मिल रहा है। इस पर लगाम लगाने के लिए ईरान ने देश में स्टारलिंक का इस्तेमाल करने पर 2 साल तक की जेल की सजा का कड़ा कानून भी बनाया है।
- अमेरिकी सरकार से मिलीभगत का आरोप: खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन (U.S. Department) ने खुद हजारों की संख्या में स्टारलिंक टर्मिनल खरीदकर गुप्त रास्तों से ईरान के अंदर पहुंचाए थे, ताकि वहां के विद्रोही गुट बाहरी दुनिया के साथ लगातार संपर्क में रह सकें और ईरान के आंतरिक हालातों की जानकारी लीक कर सकें।
धमकी सच हुई तो मस्क को होगा अरबों का नुकसान
अगर ईरान की यह कूटनीतिक धमकी जमीनी हकीकत में तब्दील होती है, तो पश्चिम एशिया (West Asia Infrastructure) में फैले एलन मस्क के अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंच सकता है। टेस्ला के शोरूम्स, चार्जिंग स्टेशंस और स्पेसएक्स के ग्राउंड स्टेशंस पर साइबर या फिजिकल अटैक का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ईरानी सरकार की तरफ से अभी तक किसी भी सक्रिय हमले की खबर नहीं आई है और यह पूरा मामला फिलहाल बयानों और कड़े अल्टीमेटम तक ही सीमित है। इस हाईप्रोफाइल धमकी पर अभी तक एलन मस्क या अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।